जिला प्रशासन की सार्थक पहल : राँची जिले के सभी अंचलों में शनिवार को पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर नामकुम अंचल में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने खुद उपस्थित होकर आवेदकों को प्रमाण-पत्र बांटे और उनकी समस्याओं को भी सुना।
गाँव की सरकार को सशक्त बनाने की दिशा में कदम
इस समारोह में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहल सचमुच ‘गाँव की सरकार’ को मजबूत और पारदर्शी बना रही है। लंबे समय से अटकी जमीन संबंधी प्रक्रियाएँ अब सरल हो रही हैं। जिन परिवारों का वर्षों से रसीद नहीं कट पा रहा था, उन्हें इस शिविर के जरिए राहत मिली।
नामकुम अंचल के महादेव मुंडा, पिता माधो मुंडा, ने बताया कि उनकी जमीन का रसीद वर्षों से लंबित था। आज आयोजित कैंप के माध्यम से उन्हें प्रमाण-पत्र मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इसी तरह भोलानाथ मुण्डा पिता सनिका मुण्डा ने कहा कि कई साल का प्रयास आज पूरा हुआ, इसके लिए वे जिला प्रशासन के प्रति आभारी रहेंगे।
सभी अंचलों में वितरित हुए प्रमाण-पत्र
राँची जिले के सभी 22 अंचलों में एक साथ पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। नामकुम अंचल में सबसे ज्यादा 108 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं सिल्ली (63), बुढ़मू (56) और चान्हो (42) अंचल भी प्रमुख रहे। कुल 780 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 729 का भौतिक सत्यापन किया गया और अंततः 542 मामलों का सफल निष्पादन किया गया।
ग्रामीणों ने इस पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि अब जमीन से संबंधित काम में बिचौलियों की भूमिका घट रही है और जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। तुपुदाना की निर्मला गाड़ी पति पिरूवा कच्छप ने बताया कि उनका प्लॉट वर्षों से लंबित था जिसे इस शिविर में सुधार दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन का तहे दिल से धन्यवाद किया।

उपायुक्त की पहल पर मिली सफलता
उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने मौके पर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को समय पर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि पंजी-2 सुधार जैसे जटिल मामलों को कैंप के माध्यम से हल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी माना कि इस पहल ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। जमीन का रसीद और प्रमाण-पत्र मिलने के बाद अब वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम होंगे।
निष्कर्ष
राँची जिला प्रशासन की यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल है, बल्कि ‘गाँव की सरकार’ के सपने को भी साकार कर रही है। ग्रामीणों को वर्षों की जटिलताओं से मुक्ति दिलाकर यह शिविर वास्तव में विश्वास और विकास दोनों को मजबूत कर रहा है।











