देवघर में अतिक्रमण हटाने के दौरान ट्रैफिक जवान ने लहराई पिस्टल, वीडियो वायरल

Subhash Shekhar
5 Min Read

देवघर: बाबा नगरी देवघर के सबसे व्यस्त बाजार में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने सरेआम पिस्टल तान दी। टावर चौक से शिक्षा सभा चौक के बीच हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और आम जनता में भारी आक्रोश है। व्यस्त बाजार में इस तरह हथियार लहराने की जरूरत क्यों पड़ी, इसे लेकर अब पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर एसपी प्रवीन पुष्कर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि यह पूरा मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और वीडियो की जांच कराकर दोषी कर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

टावर चौक पर अचानक क्यों बिगड़े हालात?

देवघर का टावर चौक से लेकर शिक्षा सभा चौक का इलाका शहर का दिल माना जाता है। यहां सुबह से लेकर देर रात तक पैर रखने की जगह नहीं होती। स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि दुकानदारों ने अपनी दुकानें सड़क तक बढ़ा ली हैं, जिससे राहगीरों और एम्बुलेंस तक का गुजरना दूभर हो गया था। इसी शिकायत पर नगर निगम की टीम दलबल के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने जमीन पर उतरी थी।

अभियान के तहत जैसे ही सड़क किनारे लगे ठेले और अस्थायी दुकानों को जब्त करना शुरू किया गया, बाजार में चीख-पुकार मच गई। कई दुकानदारों पर मौके पर ही जुर्माना भी ठोका गया।

मामूली बहस और अचानक निकल आई पिस्टल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक ठेले वाले और निगम कर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। माहौल बिगड़ता देख मौके पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैनात एक पुलिसकर्मी ने अचानक अपनी सर्विस पिस्टल निकाल ली और हवा में लहराने लगा।

एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: “कार्रवाई का विरोध तो सामान्य था, कोई दंगा नहीं हो रहा था। लेकिन साहब (ट्रैफिक जवान) ने रौब झाड़ने के लिए सीधे पिस्टल निकाल ली। अगर गलती से गोली चल जाती, तो इस भीड़भाड़ वाले बाजार में कितने बेकसूर मारे जाते?”

[इस घटना से जुड़ी तस्वीर/वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट यहाँ देखें]

नगर निगम सख्त: ‘पहले भी दी थी चेतावनी, अब सीधे ज़ब्ती’

इस पूरे विवाद पर नगर निगम का पक्ष बेहद कड़ा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं थे।

दोबारा कब्ज़ा करने पर दर्ज होगी FIR

नगर निगम के टैक्स कलेक्टर ने ग्राउंड पर मीडिया से बात करते हुए कहा:

“यह कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं है। हमने दुकानदारों को पहले ही मुनादी कराकर और नोटिस देकर अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी थी। इसके बावजूद सड़क को जाम किया गया। यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। अगर किसी ने दोबारा सड़क पर कब्जा किया, तो इस बार सिर्फ जुर्माना नहीं बल्कि सीधे कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज कराई जाएगी।”

सिस्टम पर सवाल: क्या भीड़ को डराने के लिए था हथियार?

इस ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान आम जनता में पुलिस के इस रवैए को लेकर गहरी नाराजगी दिखी। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक काम है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पैनिक (डर का माहौल) पैदा करना कहां तक जायज है?

  • अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन: कानूनन पुलिस आत्मरक्षा या बेहद हिंसक परिस्थिति में ही हथियार निकाल सकती है।
  • भीड़भाड़ वाला इलाका: टावर चौक जैसे संवेदनशील बाजार में पिस्टल लहराना किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता था।
  • प्रशासनिक तालमेल की कमी: निगम और पुलिस के बीच मौके पर बेहतर समन्वय की कमी साफ नजर आई।

इस घटना ने देवघर पुलिस की छवि पर दाग लगाया है। अब सबकी नजरें एसपी प्रवीन पुष्कर के अगले कदम पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपी ट्रैफिक जवान को जल्द ही सस्पेंड या लाइन हाजिर किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, नगर निगम ने साफ कर दिया है कि पिस्टल विवाद के बावजूद शहर को जाम मुक्त करने का यह अभियान थमेगा नहीं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन आने वाले दिनों में दुकानदारों के पुनर्वास और ट्रैफिक व्यवस्था के बीच कैसे संतुलन बनाता है।

Share This Article
Follow:
सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।