झारखंड डायरी
झारखंड डायरी में हम समाज के उन पहलुओं पर बात करते हैं जो हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं। यह लेख हमारे अनुभवों और सामाजिक विश्लेषण पर आधारित है।
भाजपा का खेल, अजीत महतो की मंत्रणा और कुड़मी/कुरमी समाज को क्या मिला?
एलीट क्लास की राजनीति बनाम मेहनतकश मजदूर-किसान कुड़मी/कुरमी समुदाय की बुनियादी लड़ाई 20 सितंबर 2026 को पुरुलिया जिले के कोड़ाडीह मैदान में कुड़मी/कुरमी समाज ...
जंग-ए-आजादी में झारखंड: 1857 से पहले कैसे कांपे अंग्रेज?
भारत के स्वाधीनता संग्राम में जब भी आजादी की पहली चिंगारी की बात होती है, तो अक्सर इतिहास के पन्ने 1857 से शुरू किए ...
नागपुरी फिल्म ‘सेरेंग’: मनोरंजन या आदिवासी अस्मिता पर सुनियोजित प्रहार?
झारखंड की पावन माटी, यहाँ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और मुंडा-संथाल-उरांव-हो-खड़िया जैसे समुदायों की विशिष्ट पहचान आज एक नए संकट के मुहाने पर खड़ी ...













