Advertisement

झारखंड डायरी

झारखंड डायरी में हम समाज के उन पहलुओं पर बात करते हैं जो हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं। यह लेख हमारे अनुभवों और सामाजिक विश्लेषण पर आधारित है।

झारखंड में परिसीमन की तलवार संवैधानिक अपराधियों का हिसाब कौन मांगेगा

झारखंड में परिसीमन की तलवार: संवैधानिक अपराधियों का हिसाब कौन मांगेगा?

भूमिका: अस्तित्व और अस्मिता की दहलीज पर झारखंड झारखंड में इस समय परिसीमन (Delimitation) की तलवार लटक रही है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक, गणितीय ...

नागपुरी फिल्म 'सेरेंग': मनोरंजन या आदिवासी अस्मिता पर सुनियोजित प्रहार?

नागपुरी फिल्म ‘सेरेंग’: मनोरंजन या आदिवासी अस्मिता पर सुनियोजित प्रहार?

झारखंड की पावन माटी, यहाँ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और मुंडा-संथाल-उरांव-हो-खड़िया जैसे समुदायों की विशिष्ट पहचान आज एक नए संकट के मुहाने पर खड़ी ...

आज की महिलाएं: राजनीति, सामाजिक भूमिका, पारिवारिक जिम्मेदारियां और संघर्ष की राह

आज की महिलाएं: राजनीति, सामाजिक भूमिका, पारिवारिक जिम्मेदारियां और संघर्ष की राह

‎आधुनिक भारत में महिला का जीवन बहुआयामी संघर्ष का प्रतीक है। वह राजनीति में अपनी जगह बनाना चाहती है, सामाजिक भूमिकाओं को सशक्त तरीके ...

मुस्कुराता चेहरा या स्वार्थ का मुखौटा? ऐसे पहचानें अपने बीच छिपे 'फेक फ्रेंड्स'

मुस्कुराता चेहरा या स्वार्थ का मुखौटा? ऐसे पहचानें अपने बीच छिपे ‘फेक फ्रेंड्स’

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और सोशल मीडिया के दिखावे वाले दौर में ‘दोस्त’ शब्द की परिभाषा थोड़ी धुंधली हो गई है। हम अक्सर ...