Ranchi: झारखंड में एक सितंबर से नई शराब नीति के तहत सिर्फ 1343 शराब दुकानों की बंदोबस्ती की जाएगी। इस बार राज्य में कुल 159 देसी शराब और 1184 कंपोजिट शराब की दुकानें संचालित होंगी। झारखंड शराब व्यापारी संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि लॉटरी आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त को अपराह्न 3:00 बजे तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
आवेदन करने की प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू होगी और अंतिम तिथि 13 अगस्त तय की गई है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए आवेदकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पिछले 2 वर्षों का रिटर्न तथा नोट्रिपब्लिक से सत्यापित शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
17 या 18 अगस्त को आएगा लॉटरी का परिणाम
योग्य और सफल आवेदकों का चयन NIC द्वारा लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यह लॉटरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और डिजिटल होगी। संघ महासचिव ने स्पष्ट किया कि परिणाम 17 या 18 अगस्त को प्रकाशित किए जाएंगे। आवेदकों से अपील की गई है कि किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस बार विभाग ने सभी जिलों से दुकानों की सूची प्राप्त कर ली है। उन्हीं दुकानों के लिए बंदोबस्ती प्रक्रिया की जा रही है। पूर्व उत्पाद नीति में राज्य में कुल 1453 दुकानें संचालित थीं, जबकि नई नीति के तहत यह संख्या घटकर 1343 रह गई है। इस फैसले के बाद से व्यापारी वर्ग में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
किस जिले में कितनी दुकानें होंगी? देखें पूरी लिस्ट
नई नीति के अंतर्गत रांची और धनबाद जिले में सबसे अधिक दुकानें खोली जाएंगी। रांची में कुल 150 (28 देसी + 122 कंपोजिट) और धनबाद में 130 (24 देसी + 106 कंपोजिट) दुकानें प्रस्तावित हैं। वहीं कुछ जिलों में देसी शराब की दुकानें बेहद सीमित हैं।
उदाहरण के तौर पर लोहरदगा में सिर्फ 1 देसी शराब की दुकान खोली जाएगी, जबकि पूर्वी सिंहभूम में एक भी देसी दुकान प्रस्तावित नहीं है, लेकिन कंपोजिट दुकानें 109 होंगी। गिरिडीह, देवघर, दुमका और पलामू जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में शराब दुकानें खोलने की योजना है।
किस जिले में कितनी दुकानों की होगी बंदोबस्ती
- जिला देसी कंपोजिट
- सिमडेगा 2 14
- खूंटी 2 19
- पाकुड़ 3 30
- जामताड़ा 6 25
- लोहरदगा 1 10
- कोडरमा 2 34
- गिरिडीह 7 93
- दुमका 8 62
- चाईबासा 2 45
- गुमला 2 13
- धनबाद 24 106
- बोकारो 8 67
- रामगढ़ 11 31
- गढ़वा 4 37
- गोड्डा 6 40
- सरायकेला 10 46
- चतरा 8 32
- लातेहार 4 19
- पलामू 7 63
- साहिबगंज 3 45
- हजारीबाग 3 59
- देवघर 8 63
- पूर्वी सिंहभूम 0 109
- रांची 28 122
- कुल 159 1184
झारखंड सरकार की नई नीति को लेकर चर्चा तेज
राज्य सरकार की नई शराब नीति को लेकर अब राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई जगहों पर इसे राजस्व बढ़ाने का जरिया बताया जा रहा है, वहीं कुछ संगठनों ने इसका विरोध भी जताया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शिता और नियमों के तहत चलाई जा रही है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने इस बार हर जिले की जरूरत के अनुसार दुकानें निर्धारित की हैं ताकि अवैध बिक्री पर रोक लगे और राज्य को राजस्व का नुकसान न हो। फिलहाल आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी पूरी कर ली गई है और आवेदकों से अपील है कि अंतिम तिथि से पहले सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन जरूर करें।
नोट: शराब दुकानों की बंदोबस्ती को लेकर कोई भी अफवाह या गैर-सरकारी सूचना को नजरअंदाज करें। अधिक जानकारी के लिए केवल विभागीय वेबसाइट या अधिकृत अधिसूचनाओं पर ही भरोसा करें।









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