मधुबनी: मधुबनी नगर थाना पुलिस ने अपनी तत्परता और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण पेश किया जिसने पूरे जिले का दिल जीत लिया। शुक्रवार को अचानक घर से लापता हुई 3 वर्षीय बच्ची आरफा सिद्दीकी को पुलिस ने मात्र तीन घंटे के भीतर सकुशल ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया।
नगर थाना की फुर्तीली कार्रवाई
कोतवाली चौक वार्ड संख्या 42 में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बच्ची के पिता अखलाख सिद्दीकी नमाज़ पढ़कर लौटे और उन्होंने देखा कि उनकी मासूम बेटी गायब है। पिता ने घबराहट में तुरंत नगर थाना को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष ने भोजन अधूरा छोड़कर स्वयं मौके पर पहुँच टीम के साथ सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने मामले को हल्के में नहीं लिया बल्कि पूरी गंभीरता से कदम उठाया। आस-पास के मोहल्लों में खोजबीन के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई। इसी सक्रियता के चलते बच्ची को 3.5 किलोमीटर दूर सिंगिनिया चौक से सकुशल बरामद कर लिया गया।
संवेदनशीलता और सख्ती का संगम
थाना अध्यक्ष ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, टीम ने व्यापक रणनीति बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी। खोज अभियान में समय बर्बाद न करते हुए इलाके की नाकेबंदी की गई। सीसीटीवी निगरानी और पुलिस नेटवर्क की मदद से बच्ची का पता लगाया गया। तीन घंटे के अथक प्रयास के बाद जब बच्ची सुरक्षित परिवार को लौटाई गई तो हर किसी की आंखों में राहत और खुशी छलक आई।
पिता का आभार और जनता का भरोसा
बच्ची के पिता अखलाख सिद्दीकी भावुक होकर बोले – “मैं नगर थाना की टीम और जिला प्रशासन का जितना शुक्रिया अदा करूँ, कम है। अगर पुलिस इतनी तेजी न दिखाती तो न जाने क्या हो जाता। ये लोग हमारे लिए सच्चे रक्षक हैं।” उनके शब्दों ने पुलिस की मेहनत और संवेदनशीलता का महत्व उजागर कर दिया।
जिला प्रशासन ने दी बधाई
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा – “नगर थाना की यह कार्रवाई अनुकरणीय है। इसने साबित किया कि मधुबनी पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए हर पल तैयार है। ऐसी फुर्तीली कार्रवाई से जनता का विश्वास और भी मजबूत होता है।” उन्होंने थाना अध्यक्ष और उनकी टीम को विशेष धन्यवाद दिया।
मानवता का अद्भुत उदाहरण
यह घटना केवल एक बचाव अभियान भर नहीं थी, बल्कि यह कानून और मानवता के मिलन की मिसाल भी बनी। नगर थाना पुलिस ने न केवल अपने कर्तव्य का पालन किया बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का ऐसा परिचय दिया, जिसने पुलिस की छवि को और अधिक सशक्त बनाया।
मधुबनी की इस घटना से यह साफ हो गया कि पुलिस यदि तत्पर और ईमानदारी से काम करे, तो हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकता है। मासूम आरफा की सकुशल वापसी ने यह साबित कर दिया कि जनता का भरोसा मधुबनी पुलिस पर सही मायनों में ‘फरिश्तों’ जैसा है।











