बोकारो बंद का व्‍यापक असर: बीएसएल महाप्रबंधक की गिरफ्तारी का आदेश, अप्रेंटिस नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू

Subhash Shekhar
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Bokaro News: बोकारो में बीएसएल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त विजया जाधव ने बैठक के बाद बीएसएल के मुख्य महाप्रबंधक हरि मोहन झा की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। वहीं, विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की नियुक्ति प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए अहम फैसले

घटना के बाद उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक, बीएसएल ईडी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान बीएसएल प्रबंधन ने प्रशासन के समक्ष सभी मांगों को पूरा करने का वादा किया। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि ट्रेनिंग पूरी कर चुके अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की नियुक्ति प्रक्रिया तीन महीने में पूरी की जाएगी।

प्रशासन ने मृतक प्रेम कुमार महतो के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, घायल प्रदर्शनकारियों को बीजीएच अस्पताल में मुफ्त इलाज और 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित

घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उपायुक्त ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढ़ांडा कमेटी की अध्यक्षता करेंगी, जबकि अन्य दो सदस्यों में पुलिस उपाधीक्षक नगर बोकारो और कार्यदंडाधिकारी जया कुमारी शामिल हैं।

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कमेटी को सीसीटीवी फुटेज, मीडिया रिपोर्ट्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच करने और शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

बोकारो बंद का व्यापक असर, स्टील प्लांट के गेट जाम

विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में आहूत बोकारो बंद का व्यापक असर देखा गया। बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट जाम कर दिए गए, जिससे मजदूरों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने तेनु-बोकारो नहर काट दी, जिससे प्लांट की जल आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया और नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। कई स्थानों पर वाहनों को आग लगाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बोकारो बंद का व्यापक असर, स्टील प्लांट के गेट जाम

राजनीतिक दलों का समर्थन, विस्थापितों के साथ आंदोलन जारी

आजसू पार्टी ने इस बंद का आह्वान किया था, जिसे कांग्रेस और जेएलकेएम का भी समर्थन मिला। आजसू जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और इस आंदोलन को जारी रखेंगे।

बंद समर्थकों और प्लांट जाने वाले मजदूरों के बीच कई स्थानों पर झड़पें भी हुईं। प्रशासन ने जिलेवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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