Ranchi | झारखंड की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। भाजपा विधायक दल की हाई-प्रोफाइल बैठक में पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह न सिर्फ चुनाव लड़ेगी, बल्कि जीत भी दर्ज करेगी। इस बड़े फैसले के बाद से ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में दांव-पेच का खेल शुरू हो चुका है।
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की। इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। शनिवार सुबह तक प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान होने की उम्मीद है, जिसके बाद सूबे की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है।

’81 विधायकों पर नजर’— नवीन जायसवाल के बयान के क्या हैं मायने?
बैठक के बाद हटिया विधायक और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा सियासी संकेत दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उम्मीदवार को हर किसी से वोट मांगने का हक है।
“बीजेपी उम्मीदवार के पास वोट मांगने के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों को मिलाकर पूरे 81 विधायक हैं। प्रत्याशी की घोषणा होते ही एनडीए के सभी विधायक एकजुट होकर नॉमिनेशन में शामिल होंगे। हमें पूरा भरोसा है कि भाजपा प्रत्याशी शानदार जीत हासिल करेगा।” — नवीन जायसवाल, मुख्य सचेतक सह हटिया विधायक
संकेतों की मानें तो भाजपा केवल अपने संख्या बल के भरोसे नहीं है। पार्टी की नजर विपक्ष के असंतुष्ट खेमे और निर्दलीय विधायकों पर भी टिकी है। यही वजह है कि ’81 विधायकों’ वाले इस बयान ने सत्ताधारी गठबंधन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
दिग्गजों का जमावड़ा और नितिन नवीन के दौरे की रणनीति
इस बैठक में सिर्फ राज्यसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि आगामी संगठनात्मक फेरबदल को लेकर भी चक्रव्यूह रचा गया। बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव निमित्त प्रभारी गोपाल नारायण सिंह की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि केंद्रीय नेतृत्व इस सीट को लेकर कितना गंभीर है।

इसके साथ ही, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगामी दो दिवसीय प्रस्तावित दौरे को लेकर भी बैठक में रूपरेखा तैयार की गई। दो दिनों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को रीचार्ज करने की तैयारी में है। बैठक में सीपी सिंह, शशि भूषण मेहता, नीरा यादव और रागिनी सिंह समेत पार्टी के तमाम कद्दावर विधायक एकजुट नजर आए।
अगला कदम: शनिवार सुबह खुलेगा पत्ता
अब सबकी नजरें दिल्ली और रांची के बीच चल रहे कयासों के दौर पर टिकी हैं। शुक्रवार की देर रात या शनिवार सुबह तक प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगते ही झारखंड का सियासी पारा और चढ़ना तय है। क्या भाजपा क्रॉस वोटिंग के दम पर कोई बड़ा उलटफेर करने जा रही है, या फिर यह विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति है? आने वाले कुछ घंटे झारखंड की राजनीति की अगली दिशा तय करेंगे।

