Ranchi | रांची के समाहरणालय में आज एक ऐसी बैठक हुई जिसने प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। Ranchi DC Review Meeting की अध्यक्षता करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने साफ कर दिया कि जनता की योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। जमीन स्तर पर काम न दिखाने वाले अफसरों पर सीधे गाज गिरी है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में समाज कल्याण, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी योजना का हिसाब-किताब मांगा गया। जब फाइलों के पन्ने पलटे और ग्राउंड रियलिटी सामने आई, तो उपायुक्त का पारा चढ़ गया। कांके, ओरमांझी और रातू के अंचलाधिकारियों (CO) द्वारा आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए जमीन का ब्योरा न देने पर उन्हें ऑन-द-स्पॉट शोकॉज (कारण पृच्छा) जारी करने का आदेश दे दिया गया।
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Ranchi DC Review Meeting की मुख्य बातें
बैठक में केवल कागजी आंकड़े नहीं देखे गए, बल्कि हर योजना के अंतिम छोर पर बैठे लाभार्थी तक पहुंचने की टाइमलाइन तय की गई। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना ही होगा।
इस बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त-सह-परियोजना निदेशक ITDA श्री संजय भगत, सिविल सर्जन श्री प्रभात कुमार और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सुरभि सिंह सहित जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद थे। सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि आपसी तालमेल को बेहतर करें ताकि फाइलों में योजनाएं न अटकें।
तीन अंचलों के अधिकारियों पर क्यों गिरी गाज?
इस Ranchi DC Review Meeting का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा शुरू हुई। मनरेगा अभिसरण के तहत बनने वाले इन भवनों के लिए जमीन की जरूरत थी।
महिला पर्यवेक्षिकाओं ने बताया कि वे जमीन चिन्हित करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अंचल कार्यालयों से सहयोग नहीं मिल रहा। कांके, ओरमांझी और रातू अंचल द्वारा अब तक भूमि का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। इस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जताई और तुरंत शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया।
बड़ी बात: सरकारी योजनाओं में जमीन विवाद या प्रशासनिक सुस्ती के कारण काम रुकना आम बात है, लेकिन मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को सीधे जवाबदेह बनाकर एक कड़ा संदेश दिया है।
निर्माण कार्यों के लिए गाइडलाइंस:
- Co-location के तहत स्कूलों में आंगनबाड़ी भवन, शौचालय और पेयजल का काम तुरंत पूरा हो।
- NREP-1 के कार्यपालक अभियंता को काम में तेजी लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- आंगनबाड़ी केंद्रों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लंबित कार्यों को अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग का संयुक्त एक्शन प्लान
अक्सर देखा जाता है कि स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के बीच तालमेल की कमी से जमीनी स्तर पर योजनाएं सुस्त हो जाती हैं। इस Ranchi DC Review Meeting में इस दूरी को पाटने की कोशिश की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर दोनों विभागों की संयुक्त मासिक बैठक अनिवार्य रूप से होगी। इसके साथ ही एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, जिसके जरिए वरिष्ठ अधिकारी हर छोटी-बड़ी गतिविधि का सतत अनुश्रवण (Monitoring) करेंगे।
| विभाग | मुख्य फोकस एरिया | मॉनिटरिंग का जरिया |
| स्वास्थ्य विभाग | संस्थागत प्रसव, शत-प्रतिशत टीकाकरण | ड्यू-लिस्ट और वीएचएसएनडी |
| समाज कल्याण | पोषण ट्रैकर, आंगनबाड़ी निर्माण, रिक्त पद | डिजिटल डैशबोर्ड और शोकॉज |
| सामाजिक सुरक्षा | पेंशन योजनाएं, त्वरित सत्यापन | आधार आधारित प्रमाणीकरण |
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बड़े निर्देश
सुरक्षित मातृत्व और बच्चों का स्वास्थ्य इस बैठक के केंद्र में रहा। उपायुक्त ने साफ कहा कि हर गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच होनी चाहिए।
संस्थागत प्रसव और टीकाकरण
संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ाने के लिए ड्यू-लिस्ट के अनुसार काम करने को कहा गया है। वीएचएसएनडी (VHSND) के माध्यम से गांवों में टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कोई भी योग्य लाभार्थी इस सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।
कुपोषण के खिलाफ जंग और सक्सेस स्टोरी
एमटीसी (Malnutrition Treatment Centre) में भर्ती बच्चों के इलाज और उनकी रिकवरी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ठीक हुए बच्चों की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए ताकि अन्य लोग भी जागरूक हों। सभी एमटीसी केंद्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उनकी दैनिक प्रगति की जांच की जाएगी।
डाटा और तकनीक: पोषण ट्रैकर और APAAR ID पर जोर
आज का प्रशासन डिजिटल डेटा पर निर्भर है। इस Ranchi DC Review Meeting में तकनीकी मोर्चे पर भी कड़े निर्देश दिए गए।
सभी सीडीपीओ (CDPO) को निर्देश दिया गया कि पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए। इससे योजनाओं की मॉनिटरिंग पारदर्शी होगी। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले सभी बच्चों का APAAR ID (One Nation One Student ID) बनाने का काम युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा गया है।

वन स्टॉप सेंटर और सामाजिक सुरक्षा
संकट में फंसी महिलाओं के लिए काम करने वाले One Stop Center को और अधिक संवेदनशील और तत्पर बनने की हिदायत दी गई। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए आधार कार्ड की उपलब्धता को अनिवार्य करने पर बल दिया गया ताकि सत्यापन में समय न बर्बाद हो। इसके लिए आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत जानकारी आप Government Welfare Schemes पर भी देख सकते हैं।
Local Khabar Insights: क्या बदलेगी रांची की सूरत?
लोकल खबर विश्लेषण: जिला प्रशासन का यह रुख बताता है कि रांची में अब फाइलों को दबाकर बैठने का दौर खत्म हो रहा है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री का यह एक्शन अधिकारियों के लिए एक वेक-अप कॉल है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति का फैसला युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा, साथ ही ग्रामीण इलाकों में बच्चों की देखभाल बेहतर होगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शोकॉज नोटिस के बाद अंचलाधिकारी जमीन विवादों को सुलझा पाएंगे? लोकल खबर इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नजर बनाए रखेगा।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंच सकता है। रांची प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, बशर्ते जमीनी स्तर पर इसका असर जल्द से जल्द दिखाई दे।











