रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित होने वाली झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 (JET) को लेकर इस बार प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। रांची के समाहरणालय में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि परीक्षा केंद्रों पर परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि फर्जी परीक्षार्थी और नकल माफियाओं के लिए जेल के दरवाजे खुले हैं।
यह परीक्षा विज्ञापन संख्या-08/2025 के तहत आयोजित की जा रही है, जिसे लेकर राजधानी रांची के सभी केंद्रों पर सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा तैयार किया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों के हक को सुरक्षित रखना और किसी भी प्रकार की धांधली को जड़ से खत्म करना है।
मुन्ना भाइयों और नकल गिरोह पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’
बैठक में सबसे ज्यादा जोर फर्जी परीक्षार्थियों और अनुचित साधनों (Malpractice) की रोकथाम पर रहा। सूत्रों के अनुसार, इस बार बायोमेट्रिक सत्यापन और वीडियोग्राफी के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष खुफिया टीमों को भी अलर्ट किया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी अनधिकृत गतिविधि पाई गई, तो तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर छावनी जैसा नजारा, ट्रैफिक प्लान भी तैयार
रांची के परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में कोई समस्या न हो, इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को विशेष यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रों के आसपास 144 लागू रहने की संभावना है, ताकि भीड़भाड़ और बाहरी दखल को रोका जा सके।
इमरजेंसी के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार
बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानवीय पहलुओं पर भी चर्चा हुई। परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति जैसे आगजनी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या से निपटने के लिए:
- प्रत्येक जोन में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी।
- अग्निशमन दल (Fire Brigade) को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
- जिला शिक्षा विभाग और पुलिस के बीच रियल-टाइम समन्वय के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा।
प्रशासन की पैनी नजर: इन अधिकारियों को मिली कमान
समीक्षा बैठक में ADM नक्सल श्री सुदर्शन मुर्मू, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विनय कुमार और JPSC के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह बताती है कि आयोग इस परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर कितना गंभीर है। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सोशल मीडिया के जरिए भी नजर रखी जाए।
निष्कर्ष: क्या होगा आगे? झारखंड में पिछली कुछ परीक्षाओं में हुए विवादों को देखते हुए JPSC इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। प्रशासन की इस सख्ती से जहां ईमानदार छात्रों में उम्मीद जगी है, वहीं परीक्षा माफियाओं में हड़कंप है। अब देखना यह है कि धरातल पर ये इंतजाम कितने कारगर साबित होते हैं।
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