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Jharkhand News

चान्हो में तनाव: क्यों दहला साहू परिवार, बीजेपी का बड़ा आरोप

Ranchi | झारखंड के रांची जिला अंतर्गत चान्हो (गुटुवा, कदमटोली) में पानी पाइप फटने के मामूली विवाद ने अचानक एक बेहद खौफनाक और सांप्रदायिक रूप अख्तियार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है और पीड़ित साहू परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सात सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी विस्तृत और कलमबद्ध ग्राउंड रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को सौंप दी है।

​रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा ने एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मुंडा ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन (अबुआ) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी न होना बेहद निंदनीय है। भाजपा का सीधा आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में स्थानीय पुलिस-प्रशासन इस पूरे संवेदनशील मामले की लीपापोती करने में जुटा हुआ है।

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​3 माह की गर्भवती के पेट पर लात, 3 साल के बच्चे को फेंका: ग्राउंड जीरो की खौफनाक कहानी

​भाजपा की जांच कमेटी 27 मई को चान्हो के कदमटोली गांव पहुंची थी, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों से मिलकर जमीनी हकीकत जानी। बीजेपी उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा ने प्रेस वार्ता में जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। इस इलाके में पीड़ित साहू परिवार अल्पसंख्यक (गिनती के एक-दो घर) है।

​”सिंचाई के पानी सप्लाई पाइप फटने के एक मामूली विवाद को एक वर्ग विशेष द्वारा सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक रंग दिया गया। करीब 50-60 लोगों की हिंसक भीड़ ने पीड़ित पिंटू साहू के घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़ी और जबरन अंदर घुस गई। घर में घुसकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को बेरहमी से पीटा गया।”

– नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा

​जांच रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं:

  • गर्भवती महिला पर हमला: 25 वर्षीय गर्भवती महिला प्रियंका देवी (3 माह का गर्भ) के पेट और सिर पर लात-घूसों से सीधे प्रहार किए गए, जिससे गर्भस्थ शिशु की जान पर खतरा बन गया है।
  • मासूमों को नहीं बख्शा: 3 साल के मासूम बच्चे अन्वी साहू को उठाकर आंगन में फेंक दिया गया। वहीं, पिंटू साहू पर लोहे की रॉड से हमला कर उनका हाथ तोड़ दिया गया।
  • गांव छोड़ने की धमकी: पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने अत्यंत आपत्तिजनक सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं, गौमांस खिलाने की धमकियां दीं और पिंटू साहू को ‘हलाल’ करने तक की बात कही ताकि वे डरकर गांव छोड़ दें।

​सबूत मिटाने के लिए छीने मोबाइल; अजहर हुसैन और शकील अंसारी पर नामजद आरोप

​भाजपा द्वारा सौंपी गई लिखित जांच रिपोर्ट (चान्हो थाना कांड संख्या 71/2026) में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ग्राउंड जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जब पीड़ित परिवार इस हिंसा का वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था, तब उपद्रवियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और डिजिटल सबूत मिटाने के लिए सारे वीडियो डिलीट कर दिए।

​हमले में घायल हुए पीड़ितों की सूची:

  1. श्रीमती प्रियंका देवी (उम्र 25 वर्ष – 3 माह की गर्भवती)
  2. श्री पिंटू कुमार साहू (उम्र 30 वर्ष – हाथ टूटा)
  3. श्री अन्वी साहू (उम्र 3 वर्ष)
  4. श्री अजय साहू (उम्र 12 वर्ष)
  5. श्री बालेश्वर साहू (उम्र 65 वर्ष)
  6. श्रीमती पुष्पा देवी (उम्र 35 वर्ष)
  7. श्री दीपक साहू (उम्र 38 वर्ष)

​रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अजहर हुसैन (पिता- मोहम्मद एजाज), शकील अंसारी (पिता- आशिक मियां) और असगर अंसारी सहित अन्य लोगों को इस सुनियोजित हमले का मुख्य आरोपी बताया गया है।

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​”पुलिस पर राजनीतिक दबाव”, बीजेपी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

​बीजेपी का आरोप है कि चान्हो थाना प्रभारी द्वारा इस मामले में सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। एफआईआर (FIR) की कॉपी को देखकर साफ पता चलता है कि पुलिस किसी प्रभावशाली राजनीतिक दल या आकाओं के दबाव में काम कर रही है।

​नीलकंठ सिंह मुंडा ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “जब से झारखंड में यह बैसाखी वाली सरकार बनी है, तब से बहुसंख्यक समाज पर हमले बढ़े हैं और प्रदेश का सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। अगर प्रशासन ने अविलंब दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया और पीड़ित परिवार को सुरक्षा नहीं दी, तो भारतीय जनता पार्टी कानून के दायरे में रहकर एक उग्र और बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।”

​क्या बहाल हो पाएगा कानून का इकबाल?

​चान्हो की इस घटना ने एक बार फिर झारखंड में ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा और तुष्टिकरण की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली कृषि विवाद का इतनी बड़ी सांप्रदायिक हिंसा में बदल जाना प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाता है। अब गेंद पूरी तरह से रांची पुलिस और प्रशासन के पाले में है। क्या प्रशासन बिना किसी राजनीतिक दबाव के अजहर हुसैन और शकील अंसारी जैसे नामजद आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजेगा? इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और पीड़ित परिवार के मन से खौफ को मिटाने के लिए त्वरित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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