Jharkhand Weather Update | झारखंड में गर्मी ने इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की ठान ली है। राज्य के कई जिलों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म इलाका बन गया है, जहां तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
राजधानी रांची, जिसे कभी अपने सुहावने मौसम के लिए जाना जाता था, वहां भी लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। रांची में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक है। यह आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि झारखंड इस वक्त एक ‘हीट चैंबर’ में तब्दील हो चुका है।
डाल्टनगंज में ‘आसमान से बरस रही आग’, जमशेदपुर और बोकारो का भी बुरा हाल
मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी 21 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, केवल डाल्टनगंज ही नहीं बल्कि जमशेदपुर (42.6°C), बोकारो (42.2°C) और चाईबासा (41.4°C) में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और दोपहर होते-होते ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल बन जा रहा है। जमशेदपुर में विजिबिलिटी गिरकर 2000 मीटर रह गई है, जो धूल भरी गर्म हवाओं (लू) का सीधा संकेत है।
क्या रांची में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड?
हैरानी की बात यह है कि रांची में न्यूनतम तापमान भी 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसका मतलब है कि अब रातें भी ठंडी नहीं रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही नहीं हुई, तो आने वाले 48 घंटों में रांची का पारा 41-42 डिग्री तक जा सकता है।
आम आदमी पर असर: स्वास्थ्य और बिजली संकट की दोहरी मार
इस भीषण गर्मी का सीधा असर आम लोगों की जेब और सेहत पर पड़ रहा है।
- स्वास्थ्य: अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में 30% का इजाफा देखा गया है।
- खेती: सब्जी की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में उछाल की आशंका है।
- बिजली: पीक ऑवर्स में बिजली की मांग बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है।
सिमडेगा में राहत की बूंदें, पर क्या ये काफी हैं?
हालांकि, कुछ इलाकों से राहत की खबर भी आई है। सिमडेगा के बानो और माझगांव ब्लॉक में हल्की बारिश (14.2 mm तक) दर्ज की गई है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसा है। इतनी कम बारिश से उमस और ज्यादा बढ़ने की संभावना है, जो गर्मी की तड़प को और असहनीय बना देगी।
प्रशासन की तैयारी और सावधानी
सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्कूलों के समय में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
इसे भी पढ़ें: आसमान से बरसेगी आग! IMD ने जारी किया भीषण लू का रेड अलर्ट, अगले 120 घंटे इन 15 राज्यों के लिए भारी











