Advertisement
Jharkhand News

झारखंड में घुसपैठियों पर हड़कंप, क्या बनेंगे डिटेंशन सेंटर?

Ranchi | झारखंड के सीमावर्ती जिलों में अवैध घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। केंद्र सरकार की सख्ती के बाद अब राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

​भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरते हुए सीमावर्ती जिलों में तुरंत डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि पड़ोसी राज्यों में कड़े एक्शन के बाद झारखंड घुसपैठियों का नया ठिकाना बन सकता है।

Advertisement
1445200

​ पाकुड़ सीमा की तस्वीरें

​केंद्र की हाई-लेवल कमेटी से बढ़ी हलचल

​झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रकाश प्रभात नवेलकर के नेतृत्व में उच्च स्तरीय कमेटी का गठन एक ऐतिहासिक कदम है।

​”केंद्र सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय (Demographic) संतुलन के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। इन घुसपैठियों के कारण हमारे स्थानीय आदिवासियों की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना पूरी तरह तबाह हो रही है।”

प्रतुल शाह देव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

​ग्राउंड रिपोर्ट: संथाल परगना के इन 4 जिलों में बढ़ा खतरा

​संथाल परगना के ग्राउंड रियलिटी पर नजर डालें तो पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के चार जिले—पाकुड़, जामताड़ा, दुमका और साहिबगंज—इस वक्त सबसे संवेदनशील मोड़ पर हैं। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी द्वारा डिटेंशन सेंटर बनाने के बयान के बाद से ही सीमा पार हलचल तेज हो गई है।

​भाजपा का आरोप है कि आसपास के अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकार होने के कारण वहां सख्त निगरानी है, जिससे बचने के लिए अवैध घुसपैठिए झारखंड को ‘सेफ जोन’ मानकर यहां का रुख कर रहे हैं।

​बदल गया डेमोग्राफी का गणित: 60 सालों का चौंकाने वाला आंकड़ा

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झारखंड की बदलती आबादी के आंकड़े भी सामने रखे गए। 1951 और 2011 के बीच की जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा:

  • आदिवासी आबादी: संथाल परगना में इन 60 वर्षों में आदिवासियों की जनसंख्या में 16% की भारी गिरावट आई है।
  • मुस्लिम आबादी: इसी अवधि के दौरान इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी 14% तक बढ़ गई है।

​आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार के ढुलमुल रवैये और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इन घुसपैठियों को यहां राजनीतिक संरक्षण मिलने की उम्मीद रहती है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ आने की संभावना पैदा हो गई है।

​जिला दंडाधिकारियों (DM) को मिले खुली छूट

​भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि ‘इंडियन फॉरेनर्स एक्ट’ के तहत जिला दंडाधिकारियों (DM) को विशेष अधिकार और निर्देश दिए जाएं। कानून के मुताबिक, किसी भी संदिग्ध विदेशी नागरिक की पहचान और सत्यापन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। ऐसे में पूरे राज्य, खासकर सीमाई इलाकों में एक व्यापक सत्यापन अभियान (Verification Drive) चलाया जाना बेहद जरूरी हो गया है।

​निष्कर्ष: अब आगे क्या? (What Next)

​यह पूरा मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड की जल-जंगल-जमीन, स्थानीय रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ चुका है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार की नवेलकर कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद हेमंत सरकार बैकफुट पर आती है या इस पर कोई जवाबी रणनीति तैयार करती है। अगर राज्य सरकार ने सीमाई जिलों में सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़क से लेकर सदन तक एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now