Weather Update: भारत में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और आने वाले 5 दिन आम जनजीवन पर भारी पड़ने वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी भारत तक भीषण लू (Heatwave) का कहर टूटने वाला है। 20 से 25 अप्रैल के बीच पारा सामान्य से 5 डिग्री तक ऊपर जा सकता है, जिससे न केवल दिन का चैन छीनेगा बल्कि रातें भी गर्म और बेचैन करने वाली होंगी।
अगले 5 दिन: इन राज्यों में ‘हीट टॉर्चर’ का अलर्ट
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों के दौरान देश के एक बड़े हिस्से में तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी। आईएमडी ने साफ किया है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, यूपी और मध्य प्रदेश समेत 15 राज्यों में छिटपुट इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी का पैटर्न थोड़ा अलग है। अचानक बढ़ते तापमान की वजह से शरीर को संभलने का मौका नहीं मिल रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है।
हरियाणा और पंजाब में ‘नारनौल’ बना भट्ठी, 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा
ग्राउंड रिपोर्ट की बात करें तो पंजाब और हरियाणा में सूरज अभी से आग उगल रहा है। हरियाणा का नारनौल सोमवार को सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है।
- गुरुग्राम: 40.5°C
- रोहतक: 41.6°C
- बठिंडा: 41°C (पंजाब का सबसे गर्म शहर)
- अंबाला व करनाल: 39°C के पार
पूर्वी और तटीय भारत: उमस के साथ बढ़ेगी मुसीबत
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत और तटीय क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर होने वाली है।
- गंगा के मैदानी इलाके (प. बंगाल): 20 से 26 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी।
- दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में गर्मी के साथ भारी उमस (Humidity) लोगों का पसीना छुड़ाएगी।
- रात का तापमान: हरियाणा, यूपी और ओडिशा में केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी बढ़ने वाला है, जिससे ‘वार्म नाइट’ की स्थिति बनेगी।
आम आदमी पर असर: क्या सावधानी है जरूरी?
तापमान में 2 से 4 डिग्री की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर फसलों, बिजली की खपत और स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। लू लगने (Heatstroke) का खतरा उन राज्यों में ज्यादा है जहां पारा अचानक 40 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।

प्रशासन की तैयारी और आगे क्या?
मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद कई राज्यों ने स्कूलों के समय में बदलाव और अस्पतालों में हीट-वेव वार्ड सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। अगले 5 दिन बिजली ग्रिड पर भी भारी दबाव रहने वाला है। अगर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने राहत नहीं दी, तो अप्रैल का आखिरी हफ्ता पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
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