चांदी की चमक हुई फीकी: 4 लाख के करीब पहुंचकर एक ही दिन में ₹63,000 धड़ाम, क्या अब और गिरेगा भाव?

चांदी की चमक हुई फीकी: 4 लाख के करीब पहुंचकर एक ही दिन में ₹63,000 धड़ाम, क्या अब और गिरेगा भाव?

New Delhi। सर्राफा बाजार में शुक्रवार को वो हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रही चांदी (Silver Price Crash) अचानक अर्श से फर्श पर आ गिरी। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 लाख रुपये का ऐतिहासिक स्तर पार करने वाली चांदी शुक्रवार को ताश के पत्तों की तरह ढह गई। महज कुछ घंटों के भीतर चांदी के दाम में 63,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए।

दोपहर 12 बजते-बजते बाजार में 10% का लोअर सर्किट लग गया, लेकिन गिरावट का सिलसिला यहीं नहीं थमा। शाम होते-होते MCX पर चांदी 3,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई। वहीं, हाजिर बाजार (Spot Market) में भी हाहाकार मचा रहा और कीमतें 50,000 रुपये टूटकर 3,35,000 रुपये पर आ गईं।

बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’: क्यों मची अफरा-तफरी?

चांदी की कीमतों में इस “सुनामी” ने कारोबारियों और आम खरीदारों को सकते में डाल दिया है। आलम यह था कि दोपहर बाद सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसर गया। आगरा के प्रसिद्ध चौबेजी फाटक और किनारी बाजार में कई बड़े कारोबारी अपनी दुकानों से गायब दिखे, जबकि निवेशक और छोटे व्यापारी अपने नुकसान का हिसाब लगाने में जुटे रहे।

गिरावट की 3 बड़ी वजहें:

  1. वैश्विक तनाव और अस्थिरता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के बीच बढ़ते तनाव और अचानक बदले आर्थिक समीकरणों ने निवेशकों को मुनाफावसूली (Profit Booking) के लिए मजबूर किया।
  2. अमेरिकी टैरिफ का असर: अमेरिका द्वारा लगाए गए नए व्यापारिक टैरिफ ने चांदी की चाल बिगाड़ दी है।
  3. सट्टेबाजी और भारी बिकवाली: 4 लाख का आंकड़ा छूते ही बड़े संस्थानों और सेंट्रल बैंकों ने भारी मात्रा में चांदी बेची, जिससे बाजार संभल नहीं पाया।

सहालग में सन्नाटा: ग्राहक गायब, व्यापारी परेशान

शादियों का सीजन (सहालग) चरम पर है, लेकिन चांदी की आसमान छूती कीमतों और अब इस अचानक भारी अस्थिरता ने आम आदमी को बाजार से दूर कर दिया है।

“बाजार में ग्राहक एक चौथाई भी नहीं बचे हैं। कारोबार बुरी तरह ठप है। इतनी बड़ी गिरावट और उतार-चढ़ाव से व्यापारियों का भरोसा डगमगा गया है।”

दीपांशु अग्रवाल, स्वामी (दीनदयाल आनंद कुमार सराफ)

आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रज मोहन रैपुरिया ने चेतावनी दी है कि चांदी की यह ‘धड़ाम’ बाजार में एक नया संकट खड़ा कर सकती है। छोटे मैन्युफैक्चरर्स के लिए इस घाटे की भरपाई करना मुश्किल होगा।

चांदी का सफर: 1 साल में अर्श से फर्श तक (किलोग्राम में)

तारीखहाजिर भाव (Spot)MCX भाव
1 जनवरी 2025₹88,700₹88,500
1 जनवरी 2026₹2,36,500₹2,37,000
30 जनवरी 2026₹3,35,000₹3,32,000

एक्सपर्ट ओपिनियन: क्या यह खरीदने का सही समय है?

बाजार के जानकारों का मानना है कि यह केवल एक ‘करेक्शन’ है। आभूषण ज्वेलर्स के निदेशक आनंद प्रकाश के अनुसार, “वैश्विक अस्थिरता ने मूल्यों को अस्थिर किया है, लेकिन चांदी का अगला पड़ाव ₹5 लाख के पार ही होगा।” वहीं, आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय निर्णयों के कारण फिलहाल कीमतें थमती नहीं दिख रही हैं।

आगे क्या होगा? आने वाले सोमवार को जब वैश्विक बाजार खुलेंगे, तब चांदी की असली दिशा तय होगी। यदि गिरावट जारी रही, तो यह ₹3 लाख के स्तर को भी छू सकती है। लेकिन निवेशकों के लिए यह ‘डिप’ खरीदारी का मौका भी हो सकता है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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