ऑनलाइन मनी गेमिंग पर पिछले महीने केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को बेहद बड़ा और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया। उनका कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह गैंबलिंग के रूप में समाज को नुकसान पहुंचा रहा है।
मोदी ने चेतावनी दी कि देश के युवाओं और छात्रों पर इसका गंभीर असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोग कर्ज के जाल में फंस रहे हैं और दुर्भाग्यवश कुछ आत्महत्या जैसे कदम भी उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस कानून को पारित करना “समाज के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय” बताया।
छात्रों और परिवारों पर असर
प्रधानमंत्री मोदी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग की वजह से अनेक परिवार आर्थिक संकट में पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई से भटक रहे हैं और पैसे की लालच में इन खेलों में उलझ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गैंबलिंग से जुड़े ऐप्स को अक्सर गेमिंग एप्लिकेशन की तरह पेश किया जाता है, जबकि असलियत में वे युवाओं को लत लगाने का काम कर रहे हैं।
इसी दौरान, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश करते हुए कहा था कि ऑनलाइन मनी गेमिंग की लत ड्रग्स की लत जितनी खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि इस कारोबार से जुड़ी रकम का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने में भी हो रहा है।
सख्त प्रावधान और कानूनी चुनौती
नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन मनी गेमिंग में दोषी पाया जाता है तो उसे तीन वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि इस सख्ती का उद्देश्य समाज को गैंबलिंग की बुराई से बचाना है और युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकना है।
हालांकि, गेमिंग इंडस्ट्री इस फैसले से नाखुश है। रमी और पोकर जैसे गेम्स उपलब्ध कराने वाली कंपनी A23 ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका तर्क है कि यह कानून स्किल-बेस्ड गेम्स को भी अपराध की श्रेणी में डाल देता है, जबकि वे पूरी तरह वैध कारोबार हैं।
इंडस्ट्री को झटका, सरकार सख्त
गेमिंग फर्मों का मानना है कि यदि यह कानून लागू रहा तो कई कंपनियों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा। वहीं सरकार का रुख साफ है कि सामाजिक और पारिवारिक नुकसान किसी भी आर्थिक लाभ से बड़ा है। मोदी ने दोहराया कि भारत ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में सकारात्मक दबदबा बना सकता है, लेकिन यह तभी संभव है जब उद्योग साफ-सुथरे और जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़े।
इस बीच, ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध को लेकर देशभर में बहस जारी है। कुछ इसे युवाओं की सुरक्षा के लिए सही मान रहे हैं, तो कुछ इंडस्ट्री की संभावनाओं को खतरे में पड़ता देख चिंतित हैं। लेकिन सरकार का दावा है कि यह निर्णय लंबे समय में समाज के लिए हितकारी साबित होगा।










