Ranchi | झारखंड में खराब सड़कों और लटके हुए प्रोजेक्ट्स से परेशान जनता के लिए दिल्ली से एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड की भाग्यरेखा बदलने वाली 15 नई सड़क परियोजनाओं को सेंट्रल रोड फंड (CRF) के तहत मंजूरी दे दी है। लेकिन इस मुलाकात की सबसे बड़ी खबर परियोजनाओं की मंजूरी नहीं, बल्कि गडकरी का वह ‘रौद्र रूप’ रहा, जिसने सुस्त सिस्टम में हड़कंप मचा दिया है। ओरमांझी फ्लाईओवर में हो रही देरी और वहां हो रही मौतों पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने प्रोजेक्ट मैनेजर को सरेआम फटकार लगाई और सीधे तौर पर ब्लैकलिस्ट और FIR करने के आदेश दे दिए।
ओरमांझी फ्लाईओवर पर ‘एक्शन मोड’ में गडकरी: कहा- “काम शुरू करो या जेल जाओ”
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जब ओरमांझी में प्रस्तावित फ्लाईओवर के कारण हो रही दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया, तो माहौल गंभीर हो गया। आदित्य साहू ने बताया कि काम शुरू न होने से यह इलाका ‘डेथ ट्रैप’ बनता जा रहा है।
इस पर नितिन गडकरी ने तत्काल प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल चौधरी को तलब किया। मंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिया:
“जनता की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। अगर ठेकेदार काम शुरू नहीं करता है, तो उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट करें या उसके खिलाफ FIR दर्ज कराएं। अगर अधिकारियों ने ढिलाई बरती, तो उन पर भी गाज गिरेगी।”
CRF फंड से 15 सड़क परियोजनाओं को मिली संजीवनी
झारखंड के अलग-अलग जिलों के लिए यह मुलाकात मील का पत्थर साबित हुई है। सेंट्रल रोड फंड (CRF) के तहत 15 नई सड़कों की मंजूरी से ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी में बड़ा उछाल आएगा।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
- औद्योगिक गलियारा: जमशेदपुर और पलामू जैसे क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्र: ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए विशेष फंड।
- कनेक्टिविटी: दूरदराज के गांवों को मुख्य हाईवे से जोड़ना।
बैठक में शामिल सांसद विद्युत वरण महतो और बीडी राम ने राज्य के पिछड़े इलाकों में सड़क नेटवर्क को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
राज्य सरकार के पाले में गेंद: “जमीन दो, हम पैसा देंगे”
नितिन गडकरी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि मोदी सरकार झारखंड को सड़कों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, लेकिन भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और वन विभाग की एनओसी (Forest Clearance) में हो रही देरी सबसे बड़ा रोड़ा है।
गडकरी ने कहा, “केंद्र के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। अगर राज्य सरकार जमीन और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया तेज कर दे, तो हम झारखंड की सड़कों को विश्वस्तरीय बना देंगे।” यह बयान सीधे तौर पर राज्य प्रशासन के लिए एक चुनौती और अवसर दोनों है।
प्रतिनिधिमंडल में ये दिग्गज रहे मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आदित्य साहू के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, सांसद विद्युत वरण महतो, सांसद बीडी राम, पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, राकेश भास्कर और मुकेश मुक्ता शामिल थे। भाजपा नेताओं ने इस मुलाकात को झारखंड के विकास के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ करार दिया है।
क्या अब थमेंगे सड़क हादसे?
15 नई सड़कों की मंजूरी और ओरमांझी फ्लाईओवर पर सख्त आदेश ने उम्मीद तो जगाई है, लेकिन सवाल वही है— क्या धरातल पर काम उतनी ही तेजी से होगा? गडकरी की फटकार के बाद अब विभाग में खलबली है, जिससे उम्मीद है कि झारखंड के सफर में आने वाली बाधाएं अब जल्द दूर होंगी।
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