Ranchi | मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज 12 मार्च 2026 को हुई प्रोजेक्ट भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक ने राज्य की दिशा बदलने वाले कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगा दी है। इस बैठक में न केवल दशकों पुराने डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘मेदिनीनगर’ करने का फैसला लिया गया, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को होली से पहले बड़ा तोहफा दिया गया है। शिक्षा से लेकर रोजगार और बुनियादी ढांचे तक, सोरेन सरकार ने आज मास्टरस्ट्रोक खेला है।
शिक्षा और युवाओं के लिए ‘गोल्डन’ फैसले: छात्रवृत्ति और नए कॉलेज
हेमन्त कैबिनेट ने राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने के लिए खजाना खोल दिया है। मांझी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे अब अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।
- नए भवनों का निर्माण: रांची के एस.एस. मेमोरियल कॉलेज (48.56 करोड़), चक्रधरपुर के जे.एल.एन. कॉलेज (88.92 करोड़) और गोड्डा में नया महिला महाविद्यालय (69.57 करोड़) बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
- BIT सिंदरी का कायाकल्प: धनबाद के BIT सिंदरी में 38.58 करोड़ की लागत से 4 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoEs) बनाए जाएंगे, जो झारखंड के तकनीकी छात्रों को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग देंगे।
- फ्री स्कूल बैग: कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को अब सरकार की ओर से मुफ्त स्कूल बैग दिए जाएंगे।
डालटनगंज अब ‘मेदिनीनगर’: पहचान बदलने की आधिकारिक शुरुआत
पलामू वासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘मेदिनीनगर’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन अब जल्द ही केंद्र सरकार के समन्वय से स्टेशन के बोर्ड बदलने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत की खबर
सरकार ने उन कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है जो लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
- दैनिक वेतनभोगी अवधि का लाभ: विमला देवी, मन्नेलाल कामत और हरिशंकर शर्मा जैसे कई सेवानिवृत्त कर्मियों की दैनिक वेतनभोगी सेवा को अब नियमित सेवा में जोड़कर पेंशन दी जाएगी।
- शिकायत निवारण नियमावली 2026: सरकारी सेवकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई नियमावली के गठन को मंजूरी दी गई है।
- चाइल्ड केयर लीव: अब शिशु देखभाल अवकाश के दौरान भी कर्मचारियों को छुट्टी का पूरा वेतन मिलेगा।
23 जिलों में बनेंगे ‘हाई-टेक’ पुस्तकालय
झारखंड के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमता वाले ‘State of Art’ जिला पुस्तकालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक पुस्तकालय पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कुल 276.49 करोड़ की इस योजना का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
JPSC और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
- JPSC 2025: आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि निर्धारित कर दी गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिलेगा।
- समूह ‘घ’ से ‘ग’ में प्रमोशन: अब चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी ‘सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा 2026’ के माध्यम से प्रमोट होकर लिपिक बन सकेंगे।
- जनगणना 2027: आगामी जनगणना कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से तकनीकी कर्मियों और MTS की बहाली की जाएगी।
आज के फैसले स्पष्ट करते हैं कि सोरेन सरकार का फोकस ‘युवा, छात्र और कर्मचारी’ वोट बैंक पर है। डालटनगंज का नाम बदलना एक बड़ा राजनीतिक संदेश है, वहीं पेंशन और छात्रवृत्ति के फैसले सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए जिलों को फंड जारी कर दिया जाएगा, जिससे राज्य में निर्माण और नियुक्तियों की नई लहर देखने को मिल सकती है।











