रांची में गैस किल्लत की खबरों के बीच बड़ा फैसला: अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगी दूसरी बुकिंग, क्या वाकई खत्म हो गया है स्टॉक?

रांची में गैस किल्लत की खबरों के बीच बड़ा फैसला: अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगी दूसरी बुकिंग, क्या वाकई खत्म हो गया है स्टॉक?

Ranchi। राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की बुकिंग को लेकर मचे हड़कंप के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने गैस कंपनियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग के बाद साफ कर दिया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद उपभोक्ता अगले 25 दिनों तक दूसरी बुकिंग नहीं कर सकेंगे।

इस फैसले के बाद आम जनता के मन में कई सवाल हैं: क्या यह नियम हमेशा के लिए है? और अगर 25 दिन से पहले गैस खत्म हो जाए तो क्या होगा? प्रशासन ने इन सभी सवालों के जवाब और आपातकालीन विकल्प भी साझा किए हैं।

पैनिक बुकिंग से बिगड़ा सिस्टम: सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन जारी

गैस कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के प्रतिनिधियों ने बैठक में स्वीकार किया कि अचानक बढ़ी ‘पैनिक बुकिंग’ की वजह से कंपनियों के सर्वर पर लोड बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोग डर के मारे एडवांस बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सिस्टम धीमा हो गया है।

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री: “घबराने की जरूरत नहीं है। आपूर्ति पर्याप्त है। लोग बेवजह गैस एजेंसियों के चक्कर न काटें। IVR, मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के जरिए ही बुकिंग करें, कुछ ही दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।”

आपात स्थिति के लिए ‘प्लान-B’: 5 लीटर के सिलेंडर का सहारा

अगर किसी परिवार में मेहमान आ जाएं या 25 दिन से पहले सिलेंडर खत्म हो जाए, तो क्या चूल्हा नहीं जलेगा? इसके लिए प्रशासन ने 5 लीटर वाले छोटे सिलेंडरों को बाजार में उतारने का निर्देश दिया है।

  • HPCL और BPCL के 5 लीटर वाले सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
  • उपभोक्ता अपना आधार कार्ड दिखाकर एजेंसी से तुरंत ये छोटे सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह व्यवस्था अस्थायी संकट से निपटने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।

कालाबाजारी पर ‘स्ट्राइक’: बनेगी जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी

डीसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर अगर किसी भी एजेंसी ने गैस की कालाबाजारी (Black Marketing) की, तो उस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

  • कमेटी का गठन: एसडीओ सदर, एसडीओ बुण्डू और मार्केटिंग अफसरों की एक टीम बनाई गई है जो सीधे सप्लाई चेन पर नजर रखेगी।
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्र: अस्पताल, आंगनबाड़ी, जेल, अनाथालय और मिड-डे मील जैसी जगहों पर गैस सप्लाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
  • हेल्पलाइन: किसी भी शिकायत के लिए ‘अबुआ साथी’ (9430328080) पर संपर्क किया जा सकता है।

टीम इंडिया की भावना से करना होगा काम

वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई चेन की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उपायुक्त ने कहा कि हमें ‘टीम इंडिया’ और ‘टीम रांची’ बनकर इस दौर से निकलना होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि रसोई गैस की उपलब्धता लंबे समय तक बनी रहे।

आगे क्या होगा? अगले 48 से 72 घंटों में सॉफ्टवेयर पूरी तरह अपडेट होने की उम्मीद है, जिसके बाद डिजिटल बुकिंग की रफ्तार बढ़ जाएगी। 25 दिनों वाला नियम फिलहाल खपत को नियंत्रित करने के लिए लागू रहेगा।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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