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झारखंड के 1.75 लाख युवाओं का इंतज़ार खत्म: 29 मार्च को होगी JET परीक्षा, मई में रिजल्ट; हाई कोर्ट की फटकार के बाद JPSC ने बदला गियर

Ranchi | झारखंड में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अधर में लटकी झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET)-2024 की तारीखों का ऐलान हो गया है। झारखंड हाई कोर्ट की कड़ी नाराजगी और ‘टालमटोल’ के आरोपों के बाद बैकफुट पर आए JPSC ने शपथपत्र दाखिल कर साफ कर दिया है कि परीक्षा 29 मार्च को आयोजित की जाएगी।

मई के दूसरे हफ्ते में आएगा रिजल्ट, खुलेगा नियुक्तियों का पिटारा

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान JPSC सचिव ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिर्फ परीक्षा ही नहीं, बल्कि इसके नतीजों को लेकर भी आयोग ने समय सीमा तय कर दी है। मई के दूसरे सप्ताह तक परिणाम घोषित होने की प्रबल संभावना है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल तय की है और सरकार से प्रगति रिपोर्ट मांगी है।

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हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘ढाई महीने बाद भी क्यों नहीं हुई परीक्षा?’

सुनवाई के दौरान अदालत का रुख बेहद सख्त रहा। पिछली सुनवाई में JPSC द्वारा ‘संभावित तिथि’ बताने पर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया था। खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब 1,75,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है और दिसंबर 2025 में ही प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो आयोग अब तक क्या कर रहा था?

अदालत ने साफ कहा कि पिछले कई सालों से JET का आयोजन न होना यह दर्शाता है कि आयोग युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। इसी दबाव का नतीजा है कि जेपीएससी को अब स्पष्ट तारीख के साथ कोर्ट में खड़ा होना पड़ा।

यूनिवर्सिटी में सीधी बहाली का रास्ता साफ

इस फैसले का सीधा असर राज्य के विश्वविद्यालयों में अटकी पड़ी नियुक्तियों पर पड़ेगा। JPSC ने कोर्ट में तर्क दिया कि वे असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती का विज्ञापन इसलिए नहीं निकाल रहे थे ताकि JET पास करने वाले नए अभ्यर्थियों को भी इसमें शामिल होने का मौका मिल सके।

  • नियमित बहाली की मांग: प्रार्थी अनिकेत ओहदार की याचिका में आरोप लगाया गया है कि रांची विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थानों में नियमित बहाली के बजाय संविदा (Contract) पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है।
  • JET के बाद क्या? जैसे ही मई में JET का रिजल्ट आएगा, यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति के लिए बड़े स्तर पर विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

अभ्यर्थियों में अब भी ‘इफ और बट’ की स्थिति

भले ही जेपीएससी ने 29 मार्च की तारीख दे दी है, लेकिन ग्राउंड पर छात्र अब भी डरे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि झारखंड में परीक्षाओं का टलना एक परंपरा बन चुकी है। हालांकि, इस बार मामला हाई कोर्ट की सीधी निगरानी में है, इसलिए उम्मीद की किरण ज्यादा बड़ी है। अगर 29 मार्च को परीक्षा सफल होती है, तो यह झारखंड के उच्च शिक्षा इतिहास में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट होगा।

अब गेंद सरकार और आयोग के पाले में है। 9 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार को यह साबित करना होगा कि परीक्षा की प्रक्रिया पारदर्शी और तय समय सीमा के भीतर चल रही है। 1.75 लाख परिवार इस वक्त हाई कोर्ट के अगले आदेश की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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