Ranchi | झारखंड में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। राज्य के कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पलामू का डालटनगंज इलाका इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है।
मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, डालटनगंज में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 44.8°C दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। वहीं, राजधानी रांची और जमशेदपुर में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

डालटनगंज में रिकॉर्ड तोड़ पारा, जमशेदपुर-बोकारो भी बेहाल
मौसम विभाग की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ डालटनगंज ही नहीं बल्कि राज्य के अन्य प्रमुख शहर भी भट्टी की तरह तप रहे हैं। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 41.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा है। औद्योगिक नगरी बोकारो थर्मल में भी पारा 40.5°C तक पहुंच गया है।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। डॉक्टरों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
रांची और आसपास के इलाकों का क्या है हाल?
राजधानी रांची में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र ने अधिकतम तापमान 39.2°C दर्ज किया है, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 26.6°C रहा, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। रांची शहर के अन्य हिस्सों जैसे कांके में पारा 40.3°C तक पहुंच चुका है।
स्थानीय दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि सुबह 11 बजे के बाद ही लू के थपेड़े चलने लगते हैं, जिससे व्यापार और कामधंधे पर सीधा असर पड़ रहा है।

सिमडेगा और संताल में हल्की राहत, लेकिन हीटवेव का अलर्ट जारी
सकरातत्मक पहलू की बात करें तो गोड्डा में न्यूनतम तापमान सबसे कम 21.7°C दर्ज किया गया। इसके अलावा दुमका, पाकुरिया और बहरागोड़ा के कुछ हिस्सों में 1 से 6.4 मिमी तक की बेहद हल्की छिटपुट बारिश दर्ज की गई है, लेकिन इससे तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आई है। जमशेदपुर में दृश्यता (Visibility) घटकर 2500 मीटर रह गई है, जो हवा में धूल और सस्पेंडेड पार्टिकल्स के बढ़ने का संकेत है।
प्रशासन का अगला कदम: क्या होगा आगे? (What Next)
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक राज्य में गर्मी से बड़ी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। प्रशासन ने गाइडलाइन जारी करते हुए लोगों से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है। स्कूली शिक्षा विभाग भी बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव पर विचार कर रहा है। आने वाले दिनों में अगर प्री-मानसून बौछारें नहीं पड़ीं, तो जल संकट और गहरा सकता है।











