रामगढ़, नेमरा: अलग झारखंड राज्य के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का आज सातवां दिन था। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने परिजनों के साथ दिवंगत पिता की आत्मा की शांति हेतु ‘सात कर्म’ का पारंपरिक विधान पूर्ण किया। इस दौरान वे न केवल बेटे के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे थे, बल्कि नेमरा गांव से ही राज्य के प्रशासनिक कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ संभालते रहे।
चंद्रशेखर आजाद ने दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सांसद श्री चंद्रशेखर आजाद ने नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचकर गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनके परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की।

बिरसाइत पंथ के अनुयायियों की विशेष प्रार्थना
बिरसाइत पंथ के अनुयायी भी इस मौके पर पीछे नहीं रहे। उन्होंने नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इसमें गुरुजी के योगदान, संघर्ष और जीवन मूल्यों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु सामूहिक प्रार्थना की गई।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे आम और खास
राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग नेमरा गांव पहुंचे। सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। आम नागरिकों से लेकर मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और अन्य गणमान्य लोग भी पहुंचे। सभी ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी और मुख्यमंत्री से मिलकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अलग झारखंड राज्य के निर्माण में अमिट योगदान
लोगों ने गुरुजी के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनका योगदान अमूल्य रहा है। आदिवासी, गरीब, दलित, शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्ग के उत्थान के लिए उनका जीवन समर्पित रहा। झारखंड ही नहीं, पूरे देश में उन्हें एक जननायक के रूप में सदैव याद किया जाएगा।
प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे गुरुजी
गुरुजी के जीवन आदर्श, संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में समानता, अधिकार और न्याय की अलख जगाने की जरूरत है। आज के इस अवसर पर हर कोई भावुक था, लेकिन साथ ही गर्व भी महसूस कर रहा था कि उन्होंने ऐसे नेता को अपने बीच पाया।








