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Jharkhand News

चतरा में मंईयां सम्मान योजना का डेटा लीक, व्हाट्सएप पर खुली पूरी कुंडली

Chatra | झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। चतरा नगर परिषद क्षेत्र की हजारों लाभार्थी महिलाओं का बेहद संवेदनशील और निजी डेटा सोशल मीडिया पर लीक हो गया है। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों में योजना के लाभुकों की एक सूची (PDF फाइल) धड़ल्ले से वायरल हो रही है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

इस गोपनीय डेटा के खुलेआम वायरल होने से लाभार्थी महिलाओं की प्राइवेसी पूरी तरह दांव पर लग गई है। इस बड़ी लापरवाही के बाद से पूरे चतरा जिले में हड़कंप मचा हुआ है। आम जनता के साथ-साथ प्रशासनिक गलियारों में भी इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि आखिर इतनी बड़ी चूक किस स्तर पर हुई।

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व्हाट्सएप पर लीक हुई महिलाओं की ‘कुंडली’, साइबर ठगी का बड़ा खतरा

जानकारी के मुताबिक, वायरल हो रही इस पीडीएफ फाइल में सुरक्षा और गोपनीयता के नियमों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। इस सूची में योजना का लाभ ले रही महिलाओं की बेहद निजी जानकारियां सार्वजनिक हो गई हैं। सूची में महिलाओं का नाम, उनके पिता या पति का नाम, बैंक खाता संख्या (Account Number), बैंक का नाम और मोबाइल नंबर जैसे अति-संवेदनशील विवरण साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं।

व्हाट्सएप पर लीक हुई महिलाओं की 'कुंडली', साइबर ठगी का बड़ा खतरा

डिजिटल सुरक्षा के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि यदि यह डेटा साइबर अपराधियों और जामताड़ा जैसे गिरोहों के हाथ लग गया, तो वे इन मासूम और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को आसानी से अपनी ठगी का शिकार बना सकते हैं।

चल रहे भौतिक सत्यापन का फायदा उठा सकते हैं अपराधी

यह लापरवाही ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे राज्य में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों का भौतिक और विभागीय सत्यापन (Physical Verification) चल रहा है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि साइबर अपराधी इसी प्रक्रिया का फायदा उठाने की फिराक में हैं। ठग खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मी या सत्यापन टीम का सदस्य बताकर इन महिलाओं को फोन कर सकते हैं।

चतरा की एक पीड़ित महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: “हमारे पास पिछले दो दिनों से अजीबोगरीब नंबरों से फोन आ रहे हैं। फोन करने वाला कहता है कि तुम्हारा मंईयां सम्मान योजना का पैसा रुकने वाला है, अपना बैंक खाता सुधार करवा लो। जब उनके पास हमारा नाम और खाता नंबर पहले से है, तो कोई भी डर जाएगा।”

अपराधियों के पास महिलाओं की पूरी प्रोफाइल पहले से मौजूद है, इसलिए वे महिलाओं को आसानी से झांसे में ले सकते हैं। ठग उन्हें योजना बंद होने, अगली किस्त रुकने या खाते के री-वेरिफिकेशन का डर दिखाकर बैंक डिटेल्स, यूपीआई पिन या ओटीपी (OTP) मांग सकते हैं।

उपायुक्त रवि आनंद से जांच की मांग, DSSO ने कहा- ‘होगी सख्त कार्रवाई’

इस बड़ी लापरवाही से नाराज और डरे हुए लाभार्थियों ने चतरा के उपायुक्त (DC) रवि आनंद से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। पीड़ितों ने मांग की है कि इस संवेदनशील डेटा लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कंप्यूटर ऑपरेटरों की पहचान कर उन पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस पूरे मामले पर जब चतरा के प्रभारी जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी (DSSO) विनय कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा:

“फिलहाल हमारे पास डेटा लीक होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि, मामला बेहद गंभीर है। लाभुकों का यह डेटा कहां से और किस स्तर से लीक हुआ है, इसकी पूरी गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

निष्कर्ष और सावधानियां: अब आगे क्या?

इस घटना ने सरकारी विभागों की डिजिटल सुरक्षा और डेटा हैंडलिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का अगला कदम इस लीक के सोर्स को ढूंढकर ब्लॉक करना होना चाहिए, ताकि यह पीडीएफ और आगे न फैले।

अपील: पाठक ध्यान दें और सावधान रहें! यदि किसी भी लाभुक महिला या उनके परिजनों को योजना के सत्यापन, केवाईसी (KYC), खाता जांच या रुकी हुई किस्त जारी करने के नाम पर कोई भी फोन कॉल या मैसेज आता है, तो बेहद सतर्क रहें। याद रखें, कोई भी सरकारी विभाग या बैंक फोन पर आपसे ओटीपी (OTP), एटीएम पिन (PIN), या पैसे की मांग नहीं करता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि ऐसा कोई संदिग्ध कॉल आए, तो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर थाना या स्थानीय प्रशासन को दें।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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