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Jharkhand News

झारखंड में तीन दिवसीय राजकीय शोक, नहीं रहें दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन

Ranchi: झारखंड की राजनीति और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक रहे पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद श्री शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। इस खबर से झारखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

श्री शिबू सोरेन को ‘दिशोम गुरुजी’ के नाम से जाना जाता था और वे झारखंड आंदोलन के अगुवा नेताओं में से एक रहे। उनके निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।

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राजकीय आदेश में स्पष्ट दिशा-निर्देश

झारखंड सरकार की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 4 अगस्त से 6 अगस्त 2025 तक राजकीय शोक मनाया जाएगा। इस दौरान राज्यभर के सभी सरकारी भवनों पर नियमित रूप से फहराए जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य स्तरीय कोई भी सरकारी समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही, दिवंगत नेता के सम्मान में 4 और 5 अगस्त को सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

यह आदेश झारखंड सरकार के संयुक्त सचिव अखिलेश कुमार सिन्हा द्वारा जारी किया गया है। इसे सभी प्रमुख अधिकारियों — मुख्य सचिवों, डीजीपी, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों — को भेजा गया है।

दिशोम गुरुजी की विरासत को सलाम

श्री शिबू सोरेन का जीवन आदिवासियों के अधिकारों और झारखंड की पहचान के लिए संघर्ष से भरा रहा। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के माध्यम से राज्य की जनता की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया और कई बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

उनके निधन से झारखंड को अपूरणीय क्षति हुई है। राज्यभर में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। आम जनता, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन उनकी याद में कार्यक्रम कर रहे हैं।

शोक में डूबा झारखंड, रद्द हुए सरकारी आयोजन

राज्य सरकार की ओर से तीन दिनों तक किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक या आधिकारिक आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय दिशोम गुरुजी को अंतिम सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।

प्रदेश के सभी जिलों में झंडा आधा झुकाकर शोक व्यक्त किया जा रहा है। शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी विभागों में भी शोकसभा आयोजित की गई है।

नेताओं और जनता ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

झारखंड की जनता ने अपने नेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी, जिन्होंने उनके अधिकारों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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