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Jharkhand News

रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस साढ़े 10 घंटे देरी से दिल्ली पहुंची, भूख-प्यास से बेहाल यात्री

Ranchi। उत्तर भारत में घने कोहरे ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। शुक्रवार को रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े 10 घंटे की देरी से रात पौने 10 बजे दिल्ली पहुंची। इस दौरान यात्रियों को भोजन और पानी की गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजधानी एक्सप्रेस का दिल्ली पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 11 बजे था, लेकिन कोहरे और ट्रैक पर दृश्यता कम होने के कारण ट्रेन दिनभर धीमी रफ्तार से चली। लंबी देरी के चलते यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई और कई यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए।

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रांची से दिल्ली जा रहे यात्रियों अरविंद सिंह और बबीता सिंह ने बताया कि लगभग साढ़े दस घंटे की देरी के दौरान रेलवे की ओर से केवल एक बार एक कटोरी खिचड़ी दी गई। इसके बाद बच्चों समेत यात्रियों को भूख-प्यास में ही सफर पूरा करना पड़ा।

खाने-पानी को लेकर यात्रियों की शिकायत

यात्रियों का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद पैंट्री स्टाफ ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि ट्रेन में न तो पर्याप्त पानी बचा है और न ही भोजन। कई डिब्बों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अधिक प्रभावित दिखे।

रेलवे के नियमों के अनुसार, किसी प्रीमियम ट्रेन के अत्यधिक विलंब होने पर यात्रियों के लिए अतिरिक्त भोजन और पानी की व्यवस्था करना अनिवार्य है। इस मामले में यात्रियों का कहना है कि व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही।

कोहरे का असर, कई ट्रेनें घंटों लेट

घने कोहरे का असर सिर्फ राजधानी एक्सप्रेस तक सीमित नहीं रहा।

  • दिल्ली–रांची गरीब रथ एक्सप्रेस करीब एक घंटे देरी से रांची पहुंची।
  • जम्मूतवी–संबलपुर एक्सप्रेस लगभग साढ़े पांच घंटे विलंब से चली।
  • स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस करीब नौ घंटे की देरी से रांची पहुंची।
  • पटना–रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस सवा दो घंटे देर से रांची पहुंची।
  • इस्लामपुर–हटिया एक्सप्रेस करीब छह घंटे देरी से हटिया पहुंची।

रैक की कमी से जनशताब्दी एक्सप्रेस री-शिड्यूल

लिंक रैक के विलंब से उपलब्ध होने के कारण ट्रेन संख्या 12366 रांची–पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस को अपने निर्धारित प्रस्थान समय 14:25 बजे के बजाय लगभग तीन घंटे देरी से रवाना करना पड़ा। इससे यात्रियों की कनेक्टिविटी और आगे की यात्राएं प्रभावित हुईं।

प्रशासन और रेलवे की प्रतिक्रिया

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उत्तर भारत में लगातार पड़ रहे घने कोहरे के कारण सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों की गति सीमित रखनी पड़ रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है और दृश्यता सामान्य होने पर परिचालन को दुरुस्त किया जाएगा।

Indian Railways ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लें और अतिरिक्त समय का अनुमान रखकर यात्रा करें।

यात्रियों पर असर

घंटों की देरी से यात्रियों की निजी और व्यावसायिक योजनाएं प्रभावित हुईं। कई यात्रियों की फ्लाइट और अन्य कनेक्टिंग ट्रेनें छूट गईं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।

सांतरागाछी–अजमेर स्पेशल ट्रेन के परिचालन का विस्तार

यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने सांतरागाछी–अजमेर–सांतरागाछी स्पेशल (08611/08612) के परिचालन का विस्तार किया है।

  • ट्रेन संख्या 08611: 5 जनवरी से 23 फरवरी तक, हर सोमवार, सांतरागाछी से प्रस्थान।
  • ट्रेन संख्या 08612: 8 जनवरी से 26 फरवरी तक, हर गुरुवार, अजमेर से प्रस्थान।

कुल आठ ट्रिप का संचालन होगा। इन ट्रेनों के समय, ठहराव और कोच संयोजन पहले की तरह ही रहेंगे।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय कोहरा बना रह सकता है। ऐसे में ट्रेनों की गति पर असर जारी रहने की संभावना है। रेलवे ने निगरानी बढ़ाने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने की बात कही है।

घने कोहरे ने एक बार फिर रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की लंबी देरी और भोजन-पानी की कमी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही सर्दियों के इस दौर में बेहतर प्रबंधन और मानक सुविधाएं सुनिश्चित करेगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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