ब्रेकिंग न्यूज़
लोड हो रहा है... ताज़ा खबरों के लिए बने रहें...
Advertisement
Jharkhand News

नामकुम खटाल विवाद: प्रशासन की कार्रवाई पर राजद और यादव समाज ने जताया विरोध

प्रभावित परिवारों की शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, प्रशासन पर एकतरफा रवैया अपनाने का आरोप

Ranchi: नामकुम खटाल में हुई हालिया घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और यादव समाज के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मौके का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की गई और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया गया।

Advertisement

घटना की पूरी तस्वीर

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जोरार बस्ती के रंजीत बड़ाइक अपने साथ सैकड़ों लोगों को लेकर खटाल में घुसा और ताबड़तोड़ पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे कई स्थानीय लोग घायल हो गए। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।

खटाल वासियों ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उनके कपड़े खींचे गए और उन्हें अपमानित करने की कोशिश की गई।

प्रशासन पर गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों ने बताया कि नामकुम थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। इसके अलावा, जब पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज कराने थाने गया, तो न सिर्फ उनकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया, बल्कि उन्हें धमकाकर भगा दिया गया और कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया गया।

राजद और यादव समाज का विरोध

घटनास्थल पर पहुंचे राजद महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव, श्रमिक सेल अध्यक्ष सुधीर गोप, दुर्गा मंदिर समिति अध्यक्ष मनीष राय, कोकर दुग्ध व्यवसायी संघ अध्यक्ष दीपक यादव, शिक्षाविद बिजेंद्र यादव और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना।

कैलाश यादव ने प्रशासन से मांग की कि –

  1. दोनों पक्षों की शिकायतें स्वीकार की जाएं और निष्पक्ष रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाए।
  2. पुलिस की एकतरफा कार्रवाई रोकी जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।
  3. शांति बनाए रखने के लिए पारदर्शी जांच हो और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए।

राजद और यादव समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि वे नामकुम खटाल के पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का विरोध करेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है या नहीं।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a comment