रांची: झारखंड में अभी अप्रैल का महीना खत्म भी नहीं हुआ है और तपिश ने आम जनजीवन को झुलसाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड्स की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। डाल्टनगंज 43.6 डिग्री सेल्सियस के साथ फिलहाल प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जबकि बोखरो और सरायकेला भी आग उगल रहे हैं।
झारखंड मौसम केंद्र, रांची की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी रांची समेत लगभग सभी प्रमुख जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य में ‘हीट वेव’ (लू) की स्थिति ने दस्तक दे दी है।
तापमान का ‘तांडव’: ये हैं झारखंड के 5 सबसे गर्म शहर
मौसम विभाग द्वारा 24 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, डाल्टनगंज में गर्मी ने ‘रेड अलर्ट‘ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। यहाँ का तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है। वहीं, बोकारो-थर्मल में भी स्थिति भयावह है, जहाँ पारा 43.5 डिग्री पहुंच गया है, जो सामान्य से 4 डिग्री ऊपर है।
| जिला | स्टेशन | अधिकतम तापमान (°C) | सामान्य से विचलन |
| पलामू | डाल्टनगंज | 43.6 | +2.8 |
| बोकारो | बोकारो थर्मल | 43.5 | +4.0 |
| सरायकेला | सरायकेला AWS | 42.5 | – |
| गोड्डा | गोड्डा KVK | 41.9 | – |
| बोकारो | बोकारो AWS | 41.5 | +0.1 |
रांची का हाल: क्या ‘हिल स्टेशन’ का दर्जा छीन रही है गर्मी?
कभी अपने सुहावने मौसम के लिए मशहूर रांची (MC) भी अब गर्मी की गिरफ्त में है। यहाँ अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री ज्यादा है। जमशेदपुर में भी पारा 41.1 डिग्री तक जा पहुंचा है।
ग्राउंड रिपोर्ट की मानें तो दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लू के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो रही है।
क्यों बढ़ रही है इतनी तपिश? विशेषज्ञों की राय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड के ऊपर शुष्क पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। आसमान साफ होने और नमी की कमी के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती को तपा रही हैं। 24 घंटों के भीतर बोकारो और डाल्टनगंज में तापमान में 0.4 से 1.4 डिग्री तक का उछाल देखा गया है, जो एक चिंताजनक संकेत है।

सावधान! आने वाले 48 घंटे और भी भारी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
- हीट वेव का खतरा: पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है।
- स्वास्थ्य पर असर: डॉक्टरों ने सलाह दी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।
- खेती-किसानी: बढ़ती गर्मी के कारण रबी की फसलों और सब्जियों की खेती पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
प्रशासन जल्द ही स्कूलों के समय में बदलाव (Morning School) और संवेदनशील इलाकों में पानी के टैंकरों की व्यवस्था पर विचार कर सकता है। अगर अगले 72 घंटों में तापमान का ग्राफ इसी तरह चढ़ा, तो स्वास्थ्य विभाग ‘येलो अलर्ट’ जारी कर सकता है।
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