हजारीबाग (झारखंड) | झारखंड के हजारीबाग जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने बैंकिंग सुरक्षा और पुलिसिया इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में शुक्रवार दोपहर पांच हथियारबंद अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में धावा बोलकर करीब 6 करोड़ रुपये का सोना और 4 लाख रुपये नकद लूट लिए। महज 15 मिनट के भीतर इस बड़ी वारदात को अंजाम देकर अपराधी हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
ग्राहकों की मिन्नतें नहीं आईं काम, स्ट्रांग रूम खोलते ही साफ कर दिया सोना
यह वारदात दोपहर करीब 3:15 बजे की है। चश्मदीदों और बैंक कर्मियों के मुताबिक, अपराधी पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। बैंक कर्मियों ने अपराधियों से काफी मिन्नतें कीं और कहा, “सोना मत ले जाइए, यह आम ग्राहकों का है जिन्होंने मेहनत की कमाई गिरवी रखकर लोन लिया है।” लेकिन बेखौफ अपराधियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने बंदूक की नोक पर सबसे पहले बैंक का स्ट्रांग रूम खुलवाया और वहां रखा सारा सोना बैग में भर लिया।
करंट अकाउंट खुलवाने के बहाने घुसे थे डकैत
वारदात का तरीका (Modus Operandi) हैरान करने वाला है। बैंक कर्मियों ने बताया कि सबसे पहले दो अपराधी ‘करंट अकाउंट’ खुलवाने के बहाने बैंक के अंदर दाखिल हुए ताकि किसी को शक न हो। इसके तुरंत बाद उनके तीन और साथी हथियार लहराते हुए अंदर आ गए।
- चेहरा ढंकने का तरीका: एक अपराधी हेलमेट पहने था, एक नकाब में था और तीन ने गमछे से चेहरा ढक रखा था।
- हिंसा: अपराधियों ने बैंक मैनेजर के साथ मारपीट की और सभी कर्मचारियों को आतंकित कर एक कोने में खड़ा कर दिया।
- बंधक बनाया: लूट के बाद अपराधियों ने सभी बैंक कर्मियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। करीब एक घंटे तक कर्मचारी अंदर ही फंसे रहे, जब उनकी चीख-पुकार बाहर पहुंची तब स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला।
बरही में नाकेबंदी, क्या पकड़े जाएंगे अपराधी?
घटना की सूचना मिलते ही बरही एसडीपीओ (SDPO) विमल कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस फिलहाल बैंक के भीतर लगे CCTV फुटेज को खंगाल रही है ताकि अपराधियों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
“शुरुआती जांच में बड़ी लूट की बात सामने आई है। मिलान के बाद ही सटीक राशि का पता चलेगा, लेकिन यह करीब 2 से 6 करोड़ के बीच हो सकती है। पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है और छापेमारी जारी है।” > — विमल कुमार, एसडीपीओ, बरही
आम आदमी पर क्या होगा असर?
इस लूट ने उन सैकड़ों ग्राहकों की नींद उड़ा दी है जिन्होंने अपनी शादियों या खेती के लिए बैंक में सोना गिरवी रखा था। बैंक डकैती की ऐसी घटनाओं में अक्सर इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया लंबी होती है, जिससे ग्राहकों को अपनी संपत्ति वापस पाने में मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
झारखंड में पिछले कुछ महीनों में बैंक डकैती की घटनाओं में तेजी आई है। हजारीबाग पुलिस के लिए यह साख का सवाल बन गया है। क्या अपराधी किसी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं? या फिर रेकी के जरिए इस घटना को अंजाम दिया गया? पुलिस फिलहाल इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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