चुनाव 2026: मतदान के दिन मिलेगी ‘Paid Holiday’, नियम तोड़ने वाले नियोक्ताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

चुनाव 2026: मतदान के दिन मिलेगी 'Paid Holiday', नियम तोड़ने वाले नियोक्ताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

रांची/नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने लोकतंत्र के महापर्व में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण ‘प्रेस नोट’ जारी किया है । आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को ‘सवैतनिक अवकाश’ (Paid Holiday) दिया जाएगा

Quick Summary: क्या है चुनाव आयोग का नया आदेश?

मुख्य बिंदुविवरण
प्रभावी कानूनजनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B
किसे मिलेगा लाभसरकारी, निजी, आकस्मिक (Casual) और दिहाड़ी मजदूर
जुर्माने का प्रावधाननियम का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर आर्थिक दंड
विशेष छूटदूसरे निर्वाचन क्षेत्र में काम करने वाले मतदाताओं को भी छुट्टी

इन राज्यों में लागू होगा आदेश (मतदान तिथियां)

चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के आम चुनावों के साथ-साथ कई राज्यों के उपचुनावों के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है

  • 09 अप्रैल 2026: असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा ।
  • 23 अप्रैल 2026: तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल (चरण-1) ।
  • 29 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल (चरण-2) ।

अनुभव से समझें: क्या कहता है धारा 135B?

हमारे विश्लेषण में हमने पाया कि अक्सर निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को इस बात का संशय रहता है कि क्या उनकी सैलरी कटेगी? आयोग ने साफ किया है कि धारा 135B के तहत किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत व्यक्ति, जो मतदान करने का पात्र है, उसे सवैतनिक अवकाश मिलेगा । इस छुट्टी के बदले वेतन में कोई कटौती नहीं की जा सकती

विशेष नोट: यह नियम केवल नियमित कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि ‘डेली वेज’ और ‘कैजुअल’ श्रमिकों पर भी समान रूप से लागू होता है

बाहर काम करने वालों के लिए बड़ी राहत

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने चुनावी क्षेत्र से बाहर किसी दूसरे जिले या शहर में काम करते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई मतदाता किसी ऐसे औद्योगिक या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान में कार्यरत है जो उसके निर्वाचन क्षेत्र से बाहर है, तो भी उसे वोट डालने के लिए पेड होलीडे का लाभ मिलेगा

क्या प्राइवेट कंपनियों के लिए यह छुट्टी अनिवार्य है?

हाँ, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 135B के तहत सभी निजी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य है

यदि कोई कंपनी छुट्टी देने से मना करे तो क्या करें?

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो भी नियोक्ता इन प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, वह जुर्माने का भागीदार होगा । कर्मचारी इसकी शिकायत चुनाव अधिकारी या स्थानीय प्रशासन से कर सकते हैं।

क्या दिहाड़ी मजदूरों की उस दिन की मजदूरी कटेगी?

बिल्कुल नहीं। आयोग के निर्देशानुसार, आकस्मिक और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भी सवैतनिक अवकाश के हकदार हैं ।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment