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Jharkhand News

DA Hike: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात

​Ranchi | झारखंड कैबिनेट ने राज्य के सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू माना जाएगा।

  • सातवां वेतनमान: इसके तहत आने वाले कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में प्रभावी वृद्धि की गई है।
  • छठा और पांचवां वेतनमान: अपुनरीक्षित वेतनमान (6th & 5th Pay Commission) के अंतर्गत काम कर रहे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा।

​किसानों के लिए बड़ा ऐलान: 1.05 लाख हेक्टेयर में होगी जैविक खेती

​ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ‘जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना’ को हरी झंडी दी है। इसके तहत राज्य के एक बड़े हिस्से को आर्गेनिक हब बनाने की तैयारी है।

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​योजना का तीन चरणीय रोडमैप

​कैबिनेट ने कुल 37012.50 लाख रुपये (3 अरब 70 करोड़ से अधिक) की लागत से तीन चरणों में कुल 1.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती के प्रमाणीकरण का लक्ष्य रखा है:

  1. प्रथम चरण (2026-27 से 2028-29): 35,000 हेक्टेयर भूमि। इस चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए 4287.50 लाख रुपये तुरंत विमुक्त (Release) करने की स्वीकृति दी गई है।
  2. द्वितीय चरण (2027-28 से 2029-30): 35,000 हेक्टेयर भूमि।
  3. तृतीय चरण (2028-29 से 2030-31): 35,000 हेक्टेयर भूमि।

​इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन के लिए 30 करोड़ रुपये की नई योजना को भी मंजूरी दी गई है।

​स्वास्थ्य क्रांति: राज्य में खुलेंगे ‘अबुआ दवाखाना’

​झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक अनोखी पहल को मंजूरी दी है। राज्य में अब “अबुआ दवाखाना” की स्थापना की जाएगी।

​यह दवाखाने पूरी तरह से ‘बहु-चिकित्सा प्रणाली’ (Integrated Medicine System) पर आधारित होंगे। यानी एक ही छत के नीचे मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा प्रणालियों से इलाज और दवाइयां मिल सकेंगी। ग्रामीण इलाकों के लिए यह फैसला गेम-चेंजर साबित हो सकता है क्योंकि अक्सर मरीजों को आयुष और एलोपैथिक इलाज के लिए अलग-अलग भटकना पड़ता था।

​साथ ही, मेडिकल कॉलेजों के जूनियर रेजिडेंट्स (Academic & Non-Academic) और इंटर्न्स की स्टाइपेंड (वृत्तिका) में संशोधन को भी घटनोत्तर स्वीकृति दे दी गई है।

​एविएशन और कनेक्टिविटी: दुमका से उड़ान योजना को पंख

​उपराजधानी दुमका के लोगों के लिए हवाई सफर का सपना अब सच होने के करीब है। दुमका हवाई अड्डे से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित कमर्शियल उड़ान सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

क्या हुआ समझौता?

हवाई अड्डे पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के साथ ‘Cost Recovery Basis’ पर मौसम सेवाएं (Aviation Meteorological Services) उपलब्ध कराने के एग्रीमेंट को कैबिनेट ने पास कर दिया है।

​ज़मीन रजिस्ट्री में बड़ी राहत और अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • रजिस्ट्री फीस माफ: लोकहित में सरकार ने विस्थापितों (पुनर्वास नीति के तहत आवंटित भू-भाग) और नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई ज़मीन के दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क (Registration Fee) को पूरी तरह माफ कर दिया है।
  • लोधमा-पिस्का लिंक रेल लाइन: खूंटी जिले के कर्रा अंचल में 11.635 एकड़ गैरमजरूआ भूमि को 17.81 करोड़ रुपये के भुगतान पर साउथ ईस्टर्न रेलवे (SER) को स्थायी रूप से ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई है।
  • अबुआ कलाकार मासिक योजना: राज्य के वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार या दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक पेंशन (निवृत्तिका) योजना लागू की जाएगी।
  • नया लोकायुक्त: झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री अमिताभ कुमार गुप्ता को झारखंड का लोकायुक्त नियुक्त किए जाने को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

​What Next: अब आगे क्या?

​कैबिनेट के इन फैसलों के बाद अब गेंद पूरी तरह से प्रशासनिक अमले के पाले में है। 1 जनवरी 2026 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का एरियर और भुगतान जून महीने के वेतन के साथ कर्मचारियों के खातों में आने की उम्मीद है। वहीं, ‘अबुआ दवाखाना’ और ‘दुमका हवाई सेवा’ को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों को टाइमलाइन तय कर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है। आगामी विधानसभा सत्र में कैग (CAG) की रिपोर्ट पटल पर रखी जाएगी, जिससे राज्य के राजस्व और वित्तीय स्थिति की पारदर्शी तस्वीर सामने आएगी।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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