रांची। आजसू पार्टी आज अपने स्थापना दिवस को बलिदान दिवस के रूप में भव्यता के साथ मना रही है। यह आयोजन झारखंड की राजनीतिक चेतना और क्षेत्रीय अस्मिता को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है। राजधानी रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इनडोर स्टेडियम को इस खास मौके पर पूरी तरह सजाया गया है।
आजसू पार्टी के इस केंद्रीय आयोजन में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। कार्यकर्ताओं का उत्साह और नेताओं की सक्रियता इस दिन को ऐतिहासिक बना रही है।
प्रमुख नेता देंगे संबोधन
इस बलिदान दिवस समारोह में आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो, मंत्री रामचंद्र सहिस, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो समेत कई वरिष्ठ नेता मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर, डोमन सिंह मुंडा, हसन अंसारी, राजेंद्र मेहता, हरेलाल महतो, श्रीमती यशोदा देवी, श्रीमती निर्मला भगत और संजय मेहता जैसे अन्य नेता भी सभा को दिशा देने का काम करेंगे।

प्रदेश भर से जुटे कार्यकर्ता
झारखंड के 24 जिलों और 264 प्रखंडों से भारी संख्या में आजसू कार्यकर्ता समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। प्रत्येक जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं को संगठित कर उत्सवमय माहौल बनाया गया है।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम और मेदिनीपुर से बादल महतो के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का जत्था खेलगांव पहुंचा है। वहीं पलामू से भी संगठन के मजबूत साथी रांची पहुंचे हैं। सभी के लिए ठहरने और खाने की उचित व्यवस्था की गई है।
ओडिशा से भी आया समर्थन
इस कार्यक्रम में ओडिशा के रायरंगपुर और बारीपाड़ा जैसे क्षेत्रों से भी कार्यकर्ता आजसू पार्टी के आह्वान पर रांची आए हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी की पकड़ अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी विस्तार ले रही है।
नेताओं की व्यस्तता और रणनीति
उत्तर छोटानागपुर में चंद्रप्रकाश चौधरी, निर्मल महतो और लंबोदर महतो पूरे दमखम से तैयारियों में जुटे रहे। वहीं दक्षिण छोटानागपुर में डॉ. देवशरण भगत, राजेंद्र मेहता और निर्मला भगत ने जिलावार बैठकें कर कार्यकर्ताओं को संगठित किया।
कोल्हान क्षेत्र में रामचंद्र सहिस, हरेलाल महतो और दामु बानरा ने कमान संभाली, जबकि संथाल परगना में जोनाथन टुडू और प्रवीण प्रभाकर ने नेतृत्व किया। पलामू में हसन अंसारी के नेतृत्व में तैयारी हुई।
राजधानी रांची सजी आजसू के रंग में
पूरे रांची शहर को आजसू पार्टी के झंडों, बैनरों और वरिष्ठ नेताओं के कटआउट से सजा दिया गया है। खेलगांव की ओर जाने वाले रास्ते पूरी तरह से पार्टी के प्रतीकों से पाट दिए गए हैं।
महानगर के विभिन्न मोहल्लों से कार्यकर्ता मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर समारोह स्थल की ओर बढ़ रहे हैं। यह जुलूस केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि झारखंडी स्वाभिमान का प्रतीक बनकर उभरा है।
आजसू का बलिदान दिवस समारोह, केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह झारखंड की माटी से जुड़ी आत्मा को सम्मान देने वाला मंच बन गया है। पार्टी की यह एकजुटता और दूरदर्शिता आने वाले विधानसभा चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है।









