गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: बिना कुछ गिरवी रखे मिलेगा 15 लाख का लोन, ऐसे करें आवेदन

Subhash Shekhar
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गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना | झारखंड के उन हजारों मेधावी छात्रों के लिए बड़ी खबर है जो पैसों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते थे। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ अब धरातल पर तेजी से दौड़ रही है, जिसके तहत छात्र बिना किसी बैंक गारंटी के 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,800 से अधिक छात्रों के बैंक खातों में लोन की राशि भेजी जा चुकी है, जो राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अगर आप भी इंजीनियरिंग, मेडिकल या मैनेजमेंट की पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके भविष्य की चाबी साबित हो सकती है। सरकार ने इस योजना के लिए 10 प्रमुख बैंकों को पैनल में शामिल किया है और देशभर के 2,333 संस्थानों को इस सूची में जगह दी है।

4% ब्याज और 15 साल का समय: जानिए योजना का पूरा गणित

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद कम ब्याज दर और पुनर्भुगतान की आसान शर्तें हैं। जहां सामान्य एजुकेशन लोन की दरें काफी ऊंची होती हैं, वहीं गुरुजी क्रेडिट कार्ड पर मात्र 4% वार्षिक साधारण ब्याज लगता है।

  • सरकार बनी है गारंटर: छात्रों को लोन के लिए अपनी जमीन या घर के कागजात गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार खुद इस ऋण की पूर्ण गारंटी लेती है।
  • पढ़ाई के दौरान EMI की टेंशन नहीं: कोर्स पूरा होने के एक साल बाद तक छात्रों को ‘मोरैटेरियम पीरियड’ (छूट की अवधि) मिलती है, ताकि वे नौकरी ढूंढ सकें और फिर आसानी से किश्तें चुका सकें।
  • लंबी अवधि: इस कर्ज को चुकाने के लिए छात्रों को 15 साल तक का पर्याप्त समय दिया जाता है।

कितने आवेदन हुए स्वीकृत?

आधिकारिक पोर्टल (gscc.jharkhand.gov.in) पर जारी ताज़ा डैशबोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि योजना को लेकर छात्रों में भारी उत्साह है:

  • कुल आवेदन: अब तक 5,963 छात्रों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
  • मंजूरी की रफ्तार: विभागीय सक्रियता के चलते 2,794 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
  • वितरित राशि: अब तक करीब 61.87 करोड़ रुपये सीधे छात्रों की शिक्षा के लिए जारी किए जा चुके हैं।

कौन उठा सकता है लाभ? पात्रता और जरूरी शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ कड़े लेकिन पारदर्शी मानक तय किए गए हैं:

  1. स्थानीयता: आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए या उसने राज्य से ही 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
  2. आयु सीमा: आवेदन के वक्त छात्र की उम्र 40 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  3. संस्थान का स्तर: लोन उन्हीं कॉलेजों के लिए मिलेगा जो NIRF की ओवरऑल रैंकिंग में टॉप 200 में आते हैं या NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त हैं। इसमें झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे BIT सिंदरी और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।
कौन उठा सकता है लाभ? पात्रता और जरूरी शर्तें

आवेदन करते समय न करें ये गलती

पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। छात्रों को सबसे पहले gscc.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होता है और अपना ‘Virtual Registration Card’ डाउनलोड करना होता है। ध्यान रहे, बैंक चयन के बाद आपको जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाकर सत्यापन (Verification) कराना अनिवार्य है, तभी आपकी फाइल आगे बढ़ेगी।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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