Ranchi | राजधानी राँची में रक्त की किल्लत से जूझते मरीजों के लिए युवाओं ने उम्मीद की नई किरण जगाई है। कॉसमॉस यूथ क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट और ऑर्किड ब्लड सेंटर के साझा प्रयास से आयोजित विशेष रक्तदान शिविर में शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस शिविर में महिलाओं और युवाओं के उत्साह ने माहौल को पूरी तरह सामाजिक सरोकार के रंग में रंग दिया। देखते ही देखते 34 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर आपात स्थिति में जूझने वाले गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक संबल तैयार कर दिया।
शिविर का औपचारिक उद्घाटन संस्था के मुख्य संरक्षक श्री सुप्रियो भट्टाचार्य ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि समाज के प्रति सबसे बड़ा मानवीय उत्तरदायित्व है, जिसे हर नागरिक को समझना होगा।

आपात स्थिति में किसी की न थमे सांस, युवाओं का बड़ा संकल्प
राजधानी और आसपास के अस्पतालों में थैलेसीमिया, दुर्घटना पीड़ितों और प्रसव के दौरान अक्सर रक्त की भारी कमी देखने को मिलती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए शोणित फाउंडेशन द्वारा संचालित ऑर्किड ब्लड सेंटर और कॉसमॉस यूथ क्लब ने यह मोर्चा संभाला।
शिविर में सुबह से ही युवाओं की कतारें देखने को मिलीं। पहली बार रक्तदान करने वाली महिलाओं में भी खास उत्साह नजर आया, जिससे यह साबित हुआ कि जागरूकता अब हर वर्ग तक पहुंच रही है।
‘समय पर खून न मिलना सबसे बड़ी त्रासदी’: देवाशीष राय
आयोजन के दौरान संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री देवाशीष राय ने जमीनी हकीकत को रेखांकित करते हुए कहा:
“अस्पतालों में रक्त की कमी के कारण कई जरूरतमंद मरीजों को वक्त पर खून नहीं मिल पाता। कई बार यह देरी जानलेवा साबित हो जाती है। हमारे युवाओं को इसी तरह आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी ताकि कोई भी जिंदगी सिर्फ इसलिए न थमे कि ब्लड बैंक खाली था।”
श्री राय ने ऑर्किड ब्लड सेंटर की मेडिकल टीम की पेशेवर मुस्तैदी और सभी 34 रक्तदाताओं के प्रति आभार जताया।
सिस्टम की तैयारी और आगे की राह
अस्पतालों में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर पाटना केवल सरकारी ब्लड बैंकों के बूते संभव नहीं है। ऐसे में कॉसमॉस यूथ क्लब और शोणित फाउंडेशन जैसी संस्थाओं की यह पहल सीधे तौर पर स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देती है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिवसीय अभियान नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में राँची के अलग-अलग मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों में भी नियमित रक्तदान शिविरों की श्रृंखला शुरू की जाएगी ताकि शहर के ब्लड बैंकों में आपातकालीन स्टॉक हमेशा सुरक्षित रहे।










