रांची: झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से लगातार बारिश हो रही है। कई जिलों में गुरुवार से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित है।
रांची शहर में गुरुवार रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार को गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
जमशेदपुर और कोल्हान में भारी बारिश का असर
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार रात से शुरू हुई तेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इस वजह से जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट पर रखा गया है। बचाव और राहत कार्यों के लिए प्रशासन की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और कंट्रोल रूम से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संताल परगना और अन्य जिलों में चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बारिश का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है। उन्होंने बताया कि खासकर कोल्हान और संताल परगना के जिलों में 26 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है।
इस मानसून सीजन में रांची, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और लातेहार में 1000 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह पिछले 13 सालों का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
प्रशासन की सतर्कता और अपील
जिला प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी जा रही है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और अपने घरों में ही सुरक्षित रहें। मौसम विभाग ने चेताया है कि तेज हवाओं और वज्रपात से कुछ इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
झारखंड में मानसून के इस दौर ने लोगों की परेशानियों को दोगुना कर दिया है। लगातार बारिश से जहां जल संकट से राहत मिली है, वहीं बाढ़ और बिजली कटौती जैसी समस्याओं ने जीवन को कठिन बना दिया है। अब सबकी निगाहें आने वाले दिनों में मौसम के रुख पर टिकी हैं।











