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‘डियर कॉमरेड’ के 7 साल: विजय-रश्मिका की लव स्टोरी क्यों है खास?

फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ की रिलीज को 7 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का ऑन-स्क्रीन रोमांस आज भी दर्शकों के दिलों में तरोताजा है। यह सिर्फ एक फिल्मी लव स्टोरी नहीं थी, बल्कि इसने मानसिक स्वास्थ्य, सहमति और कठिन वक्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के मायने सिखाए।

‘बॉबी’ और ‘लिली’ के किरदारों में विजय और रश्मिका की केमिस्ट्री ने सिल्वर स्क्रीन पर ऐसा जादू चलाया, जिसने साउथ से लेकर हिंदी बेल्ट तक के युवाओं को अपना दीवाना बना दिया।

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दोस्ती, भरोसा और इमोशनल सपोर्ट: वो 7 पल जिन्होंने दिल जीत लिया

ग्राउंड-लेवल पर देखें तो भारतीय सिनेमा में टॉक्सिक रिलेशनशिप की बहस के बीच ‘डियर कॉमरेड’ ने एक हेल्दी और रिस्पेक्टफुल रिश्ते की मिसाल पेश की थी। फिल्म के वे 7 खास पल आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं:

1. पहली नजर की मासूमियत

बॉबी का अपनी खिड़की से लिली को देखना और सिर्फ एक झलक पाने के लिए अखबार पढ़ने का नाटक करना—यह सीन प्यार की शुरुआत के उस खास उत्साह को बिना किसी भारी-भरकम डायलॉग के बखूबी बयान करता है।

2. टी-शर्ट एक्सचेंज का वो रूमानी पल

बारिश में भीगने के बाद बॉबी और लिली का एक-दूसरे के कपड़े पहनना… यह सीन दोनों के बीच बढ़ते आराम, भरोसे और अनकही नजदीकियों को बहुत ही खूबसूरती से दिखाता है।

3. साड़ी में लिली और बॉबी का रिएक्शन

जब पहली बार लिली साड़ी पहनकर सामने आती है, तो बॉबी का निशब्द रह जाना और उसके चेहरे के एक्सप्रेशन्स विजय देवरकोंडा के सबसे बेहतरीन ऑन-स्क्रीन पलों में से एक बन गए।

4. लिली की सफलता में बॉबी का गर्व

लिली के क्रिकेट मेडल की तारीफ करना हो या उसकी बचपन की तस्वीर को चूमना, बॉबी ने दिखाया कि सच्चा प्यार पार्टनर की कामयाबी पर सबसे ज्यादा मुस्कुराता है।

[बॉबी और लिली के इमोशनल सीन का वीडियो/तस्वीर यहाँ देखें]

5. जब हक के लिए लड़ाई बनी ढाल

जब लिली पर उसके कोच द्वारा किए गए शोषण का सच सामने आता है, तो बॉबी शांत नहीं बैठता। वह कोच से टकराता है—गुस्से में नहीं, बल्कि उस औरत के सम्मान के लिए जिसकी आवाज उस वक्त दब गई थी।

6. ट्रॉमा और हीलिंग में अटूट साथ

लिली के सबसे कठिन दौर में बॉबी ने कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। उसने सहानुभूति और धैर्य चुना, जो यह साबित करता है कि सच्चा हमसफर वही है जो आपके सबसे मुश्किल वक्त में हाथ थामे रखे।

7. लिली की वो मुस्कान जो उम्मीद बन गई

फिल्म के अंत में लिली की आत्मविश्वास से भरी मुस्कान सिर्फ एक सीन नहीं था; यह हिम्मत, हीलिंग और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।

बॉक्स ऑफिस से परे: समाज और सिनेमा पर असर

‘डियर कॉमरेड’ सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन तक सीमित नहीं रही। इसने युवाओं को यह सिखाया कि अपने हक के लिए लड़ना और पार्टनर के मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना कितना जरूरी है। फिल्म ने दिखाया कि एक पुरुष का ‘कॉमरेड’ (साथी) होना क्या मायने रखता है।

इंडस्ट्री इनसाइडर व्यू: “डियर कॉमरेड ने साउथ सिनेमा में कमर्शियल ड्रामा के साथ-साथ एक संजीदा विषय को उठाने का जो जोखिम लिया था, उसने विजय और रश्मिका दोनों को पैन-इंडिया स्टार्स के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई।”

फैंस के लिए आगे क्या है खास?

7 साल बाद भी इस जोड़ी का क्रेज कम नहीं हुआ है। अच्छी खबर यह है कि विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जल्द ही आगामी फिल्म ‘राणाबली’ में एक बार फिर साथ नजर आने वाले हैं।

इसके अलावा, विजय जहां ‘राउडी जनार्दन’ और ‘VDxShoryuv’ जैसी बड़ी फिल्मों में दिखेंगे, वहीं रश्मिका मंदाना के पास ‘मायसा’, ‘पुष्पा 3’, ‘एनिमल पार्क’ और ‘राका’ जैसे धमाकेदार प्रोजेक्ट्स की कतार है। फैंस एक बार फिर इस आइकॉनिक जोड़ी को बड़े पर्दे पर इतिहास रचते देखने के लिए बेताब हैं।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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