भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
सबसे ज्यादा असर सिमडेगा जिले में देखा जा रहा है, जहां पिछले 24 घंटों के दौरान 120.8 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोलेबिरा में 59.4 मिमी और दुमका के मसानजोर में 43.2 मिमी बारिश हुई है।
इस झारखंड मौसम अपडेट के मुताबिक, राजधानी रांची समेत आसपास के जिलों में भी लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
सिमडेगा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, निचले इलाकों में भरा पानी
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सबसे अधिक बारिश सिमडेगा (120.8 mm) में दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय नदियां और नाले उफान पर हैं।
ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से जहां धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं निचले इलाकों में जलभराव ने नगर परिषद के जल निकासी दावों की पोल खोल दी है।
रांची में विजिबिलिटी घटी, जानें प्रमुख शहरों का तापमान
मौसम केंद्र (बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची) के अनुसार, राजधानी रांची में सुबह के समय विजिबिलिटी घटकर महज 1500 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। रांची में 26.3 मिमी बारिश दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 28.0°C रहा।
राज्य के मुख्य शहरों का तापमान और बारिश का हाल:
| शहर/स्टेशन | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | पिछले 24 घंटे की बारिश (mm) |
| रांची | 28.0 | 23.4 | 26.3 |
| जमशेदपुर | 31.0 | 25.6 | 02.1 |
| डालटनगंज | 31.6 | 25.9 | 00.0 |
| बोकारो | 31.1 | 25.5 | 05.4 |
| चाईबासा | 28.8 | 25.0 | 00.0 |
- सबसे गर्म इलाका: पाकुड़ (33.4°C)
- सबसे ठंडा इलाका: लातेहार (21.8°C)
प्रशासन अलर्ट पर: What Next?
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासनों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।
आने वाले दिनों में यदि बारिश का यही दौर जारी रहा, तो जलप्रपातों और नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिसको लेकर पर्यटकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है।










