Agra | उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर आगरा जिले में परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जिला स्तर पर हुई समीक्षा के बाद केंद्रों की सूची में आंशिक संशोधन लागू किया गया है।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला समिति की बैठक में केंद्रों की स्थिति, भौतिक संसाधन और पूर्व वर्षों की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने संशोधित सूची जारी की है।
इस प्रक्रिया में जहां दो विद्यालयों को नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है, वहीं आठ विद्यालयों को परीक्षा केंद्र सूची से हटाया गया है। संशोधन के बाद जिले में कुल 154 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिन पर यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की परीक्षाएं कराई जाएंगी।
दो नए विद्यालय बने परीक्षा केंद्र
जिला समिति की संस्तुति के बाद जारी न्यू सेंटर एडवाइस के अनुसार शाहगंज स्थित चित्रगुप्त उच्च माध्यमिक विद्यालय और अनवरी निलोफर कन्या इंटर कॉलेज को नया परीक्षा केंद्र बनाया गया है। दोनों ही विद्यालय सहायता प्राप्त श्रेणी में आते हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन विद्यालयों ने बोर्ड द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मानकों को पूरा किया है। भौतिक संसाधन, कक्षाओं की उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था के आधार पर इन्हें परीक्षा केंद्र के लिए उपयुक्त पाया गया।
160 की सूची से आठ केंद्र हटाए गए
वहीं सेंटर डिलीशन एडवाइस के तहत बोर्ड स्तर से जारी 160 केंद्रों की सूची में शामिल आठ विद्यालयों को हटा दिया गया है। इनमें होलमैन इंस्टीट्यूट हाईस्कूल कलेक्ट्रेट, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खेरागढ़, मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज और श्री पीतम सिंह इंटर कॉलेज दूरा शामिल हैं।
इसके अलावा श्रीराम इंटर कॉलेज कराही (फतेहपुर सीकरी), श्री पदम सिंह इंटर कॉलेज अभेदौपुरा, श्री जगदीश स्मारक इंटर कॉलेज सुरौठी और श्री बलवीर सिंह इंटर कॉलेज गढ़ी सहजा महावतपुर को भी सूची से बाहर किया गया है।
इनमें एक राजकीय, दो सहायता प्राप्त और चार वित्तविहीन श्रेणी के विद्यालय शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों को भौतिक संसाधनों की कमी के कारण हटाया गया है।
मानकों में कमी पर हुई कार्रवाई
वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र सूची से हटाने का कारण परीक्षा मानकों की अपूर्णता, पूर्व वर्षों की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच में सामने आई कमियां बताई गई हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारू संचालन के लिए मानकों का पालन अनिवार्य है।
प्रशासन का मानना है कि समय रहते केंद्रों में सुधार न होने की स्थिति में परीक्षाओं के दौरान अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
22 दिसंबर तक मांगी गई आपत्तियां
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने जानकारी दी कि संशोधित केंद्र सूची को अंतिम माना जाएगा और इसी के आधार पर वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को इसकी औपचारिक सूचना भेज दी गई है।
हालांकि बोर्ड स्तर पर संशोधित सूची को लेकर आपत्तियां और प्रत्यावेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। विद्यालय 22 दिसंबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और परीक्षा की आगे की तैयारियां शुरू होंगी।











