पंचायत सचिव ने फेंका घूस का पैसा, CCTV से खुला राज | ACB Action

Hazaribag | प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हजारीबाग जिले के डाड़ी प्रखंड कार्यालय परिसर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के दौरान पंचायत सचिव ने रंगे हाथ पकड़े जाने से बचने के लिए घूस की रकम जमीन पर फेंक दी। हालांकि, CCTV फुटेज ने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया।

यह मामला बलसगरा पंचायत से जुड़ा है, जहां पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह पर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक से रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, लाभुक मो. अलीजान अंसारी से योजना की पहली किस्त जारी करने के नाम पर 2500 रुपये की मांग की गई थी।

दोपहर करीब 1:30 बजे जैसे ही ACB की टीम डाड़ी प्रखंड कार्यालय पहुंची, लाभुक ने पहले से तय रणनीति के तहत पंचायत सचिव को 5000 रुपये में से 2500 रुपये की पहली किस्त सौंपी। टीम की मौजूदगी भांपते ही पंचायत सचिव ने सतर्कता दिखाते हुए घूस की रकम जमीन पर फेंक दी।

रिश्वत फेंकते ही मचा हड़कंप

घटना के तुरंत बाद प्रखंड कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ACB की टीम आरोपित पंचायत सचिव को पकड़ने में जुटी थी, तभी जमीन पर गिरी रिश्वत की रकम को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाकर वहां से निकलने की कोशिश की।

इस घटनाक्रम ने मामले को और जटिल बना दिया। रिश्वत की रकम मौके पर नहीं मिलने के कारण ACB को बरामदगी में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

CCTV फुटेज से सामने आया सच

मामले की गंभीरता को देखते हुए ACB ने प्रखंड कार्यालय में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ दिखा कि एक युवक जमीन से पैसा उठाकर तेजी से बाहर जाता नजर आ रहा है।

हालांकि, प्रारंभिक जांच में प्रखंड और अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने उस व्यक्ति की पहचान से इनकार किया। इसके चलते ACB की टीम को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

पहचान होते ही बदली तस्वीर

कुछ समय बाद कनकी क्षेत्र से पहुंचे दो स्थानीय लोगों ने CCTV फुटेज देखकर युवक की पहचान कनकी रवि के रूप में की। पहचान होते ही ACB ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों की मदद से रवि को प्रखंड कार्यालय बुलाया।

जांच के दौरान रवि के पास से घूस की पूरी रकम बरामद कर ली गई। इसके बाद ACB ने रवि को इस मामले में गवाह बनाया, जिससे पूरे घटनाक्रम की कड़ी स्पष्ट हो सकी।

प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ कर्मियों द्वारा लाभुकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

इस मामले में भी योजना की पहली किस्त जारी करने के बदले रिश्वत की मांग ने सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन और ACB की कार्रवाई

ACB की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान प्रखंड कार्यालय के CCTV फुटेज को जब्त कर लिया है। टीम ने पंचायत सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की गतिविधियों में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

इस घटना के बाद डाड़ी प्रखंड कार्यालय में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आम लोगों और लाभुकों के बीच चर्चा का विषय यही रहा कि किस तरह CCTV ने पूरे मामले को उजागर कर दिया।

वहीं ACB की इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों में खौफ देखा जा रहा है। कई कर्मचारियों ने दबी जुबान में माना कि अब इस तरह की गतिविधियों से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा।

ACB की टीम अब पंचायत सचिव की संपत्ति, बैंक लेनदेन और पूर्व में की गई शिकायतों की भी जांच कर सकती है। यदि जांच में और सबूत मिलते हैं, तो गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

साथ ही, इस मामले के बाद जिले के अन्य प्रखंडों में भी निगरानी बढ़ाए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

डाड़ी प्रखंड कार्यालय की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक और सतर्कता के जरिए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है। CCTV फुटेज और ACB की त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ रिश्वतखोरी को उजागर किया, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने का मजबूत संदेश भी दिया।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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