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राहुल गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, बढ़ सकती हैं मुश्‍किलें

चाईबासा: विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट भाजपा के खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयान को लेकर दर्ज एक मामले में जारी किया गया है।

यह मामला वर्ष 2018 से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने एक जनसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। इसके विरोध में भाजपा नेता प्रताप महतो ने 9 जुलाई 2018 को चाईबासा कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल के बयान से भाजपा की छवि और सम्मान को ठेस पहुंची है।

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अदालत में बार-बार अनुपस्थित रहने पर हुआ सख्त रुख

कोर्ट द्वारा पहले राहुल गांधी को समन और फिर जमानती वारंट जारी कर बुलाया गया था। लेकिन कई बार बुलाने के बावजूद राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए अब गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।

इस प्रकरण में शुरुआत में वाद रांची स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट को सौंपा गया था। बाद में हाई कोर्ट के निर्देश पर मामले को चाईबासा विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। यह प्रक्रिया 20 फरवरी 2020 को पूरी हुई थी, जब हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि मामला चाईबासा में सुना जाए।

भाजपा ने किया स्वागत, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक साजिश

इस फैसले को लेकर भाजपा नेताओं ने अदालत के आदेश का स्वागत किया है और इसे न्याय की जीत बताया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि राहुल गांधी हमेशा जनहित की बात करते हैं, और उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल उन्हें डराना है।

आगे क्या हो सकता है?

अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इस गैर जमानती वारंट पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या वे अदालत में पेश होंगे या इसके खिलाफ कानूनी राहत लेने का प्रयास करेंगे? राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो सकती है। आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही और राहुल गांधी की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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