Ranchi: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को भावनात्मक माहौल के बीच शुरू हुआ। सत्र की कार्यवाही की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। पूरे सदन में एक अलग ही गंभीरता का वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में अपने पिता और झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन को याद करते हुए भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ‘गुरुजी’ ने झारखंड की अस्मिता, अधिकार और अस्तित्व की रक्षा के लिए जीवन भर संघर्ष किया और आज उनकी स्मृतियां हर झारखंडवासी के दिल में बसी हैं।
भारत रत्न की मांग ने खींचा ध्यान
सत्र के दौरान झामुमो विधायक प्रदीप यादव और मंत्री सुदिव्य कुमार ने शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का योगदान केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पूरे देश में आदिवासी और हाशिए पर खड़े समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।
सदन में यह मांग केवल राजनीतिक प्रस्ताव के रूप में नहीं, बल्कि जनभावना के रूप में सामने रखी गई। कई विधायकों ने इस पर सहमति जताई और जोर देकर कहा कि झारखंड की जनता लंबे समय से इस सम्मान की प्रतीक्षा कर रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सदन इस पर विचार करेगा और आगे की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सम्मान की बात नहीं है, बल्कि झारखंड के गौरव और संघर्ष के इतिहास की पहचान का सवाल है।
विपक्ष ने भी दिखाई सहमति
चौंकाने वाली बात यह रही कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी नरमी दिखाई। भाजपा और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने कहा कि शिबू सोरेन की राजनीतिक यात्रा विवादों से परे, संघर्ष और त्याग का प्रतीक रही है। उनका योगदान झारखंड राज्य की नींव से जुड़ा हुआ है और भारत रत्न जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए वह पूरी तरह पात्र हैं।
इसके अलावा, सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने का क्रम भी चला। सदन ने दो मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना प्रकट की और उनकी स्मृतियों को नमन किया।
आने वाले दिनों में गरमाएगा सत्र
हालांकि, पहले दिन श्रद्धांजलि और सम्मान प्रस्ताव से शुरुआत हुई, लेकिन आगे के दिनों में यह सत्र राजनीतिक टकराव और तीखी बहस का गवाह बन सकता है। बजट, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
वहीं सत्ता पक्ष इस सत्र को शिबू सोरेन की विरासत और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के रूप में देखने का प्रयास करेगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सदन सर्वसम्मति से भारत रत्न की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजता है या इस पर भी राजनीति हावी रहती है।
झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र इस बार भावुक शुरुआत के साथ शुरू हुआ है। अब देखना यह होगा कि यह सत्र झारखंड की जनता के लिए कितनी दूरगामी नीतिगत उपलब्धियां लेकर आता है।









