रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज, 22 अगस्त 2025 से विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। यह सत्र 28 अगस्त तक चलेगा और इसमें कुल चार कार्यदिवस तय किए गए हैं। पहले ही दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, साथ ही शोक प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।
शिबू सोरेन को भारत रत्न की मांग तेज
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस सत्र को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की है। पार्टी दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न देने के लिए विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने जा रही है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के साथ-साथ आदिवासी समाज को शिक्षा, सामाजिक चेतना और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने नशाखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया और जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का समर्पण कर दिया। पांडेय का कहना है कि शिबू सोरेन का योगदान केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर में सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को नई पहचान देता है। इसलिए विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार से यह प्रस्ताव भेजा जाएगा।
विभिन्न दलों और नेताओं का समर्थन
इस प्रस्ताव को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का भी खुला समर्थन प्राप्त है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सीधे अपील की थी कि शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उनकी इस मांग को न केवल झामुमो बल्कि कई अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी समर्थन मिला है। माना जा रहा है कि विधानसभा में इस प्रस्ताव पर सहमति बनाने की कोशिशें तेज होंगी और इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने भी कहा है कि सत्र का संचालन सकारात्मक वातावरण में किया जाएगा और सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
किसानों और अतिवृष्टि पर विशेष चर्चा
इस मानसून सत्र का एक और महत्वपूर्ण एजेंडा 26 अगस्त को रखा गया है। उस दिन अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं और किसानों की बदहाल स्थिति पर विशेष चर्चा की जाएगी। राज्यभर में लगातार बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार इस पर राहत और पुनर्वास की योजनाएं लाने की दिशा में विचार करेगी।
श्रद्धांजलि और बजट प्रस्ताव
इस सत्र का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि पिछला सत्र शिबू सोरेन के निधन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस बार सदन में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को भी याद किया जाएगा। वित्तीय वर्ष के पहले अनुपूरक बजट को लेकर विपक्ष भी अपनी रणनीति बनाए हुए है, जिससे सदन में बहस गर्म रहने की संभावना है।
झारखंड विधानसभा का यह मानसून सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गूंज पैदा करेगा। वहीं, किसानों की समस्याएं, अतिवृष्टि का मुद्दा और बजट प्रस्ताव इस सत्र को और भी सार्थक बनाएंगे। विधानसभा की कार्यवाही इस बार पूरे देश का ध्यान आकर्षित करने की क्षमता रखती है।









