माइनस 1.5°C पर पहुंचा पारा: मैक्लुस्कीगंज बना झारखंड का सबसे ठंडा इलाका, शीतलहर से जनजीवन बेहाल

माइनस 1.5°C पर पहुंचा पारा: मैक्लुस्कीगंज बना झारखंड का सबसे ठंडा इलाका, शीतलहर से जनजीवन बेहाल

रांची / मैक्लुस्कीगंज: झारखंड में ठंड ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इसके साथ ही यह इलाका राज्य का सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है। शून्य से नीचे जाते तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है और लोग दिनभर ठिठुरने को मजबूर हैं।

गुरुवार की सुबह मैक्लुस्कीगंज का नजारा किसी पहाड़ी इलाके जैसा दिखा। खेतों, खलिहानों, पुआल, पेड़-पौधों और खुले मैदानों पर बर्फ की सफेद परत जम गई। सुबह होते ही पूरा क्षेत्र ठंड की चपेट में नजर आया। अत्यधिक सर्दी के कारण लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचते रहे।

वहीं राजधानी रांची के शहरी क्षेत्र में दिन के समय खिली धूप ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन सुबह और शाम के समय घना कोहरा और कनकनी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से झारखंड के कई हिस्सों में शीतलहर का असर बना हुआ है। बीते 24 घंटों में राज्य का मौसम शुष्क रहा, जबकि कई इलाकों में हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया।

  • सबसे अधिक अधिकतम तापमान: 28.8°C – चाईबासा
  • सबसे कम न्यूनतम तापमान: -1.5°C – मैक्लुस्कीगंज
  • कांके: 2°C
  • रांची: अधिकतम 23.2°C, न्यूनतम 8°C

10 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने राज्य के 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में शीतलहर की संभावना बनी हुई है:

  • पलामू
  • गढ़वा
  • चतरा
  • लातेहार
  • रांची
  • रामगढ़
  • खूंटी
  • हजारीबाग
  • गुमला
  • बोकारो

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद के अनुसार, 9 और 10 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

10 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट

अगले 4 दिन रांची का संभावित तापमान

  • 09 जनवरी: अधिकतम 21°C | न्यूनतम 9°C
  • 10 जनवरी: अधिकतम 22°C | न्यूनतम 9°C
  • 11 जनवरी: अधिकतम 23°C | न्यूनतम 7°C
  • 12 जनवरी: अधिकतम 22°C | न्यूनतम 6°C

11 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।

असर: बाजार सुनसान, गरीबों पर सबसे ज्यादा मार

मिनी लंदन के नाम से मशहूर मैक्लुस्कीगंज में कड़ाके की ठंड का सीधा असर बाजारों और सड़कों पर दिखा। आमतौर पर चहल-पहल से भरे इलाके सन्नाटे में डूबे नजर आए।

रिकॉर्ड तोड़ ठंड का सबसे ज्यादा असर:

  • दिहाड़ी मजदूरों
  • छोटे दुकानदारों
  • गरीब और असहाय परिवारों

कामकाज ठप पड़ने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। बिरहोर कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में लोग अलाव के सहारे रात काटने को मजबूर हैं।

सर्दी जनित बीमारियों में इजाफा

लगातार गिरते तापमान से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ के मरीज बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से:

  • अलाव की संख्या बढ़ाने
  • कंबल वितरण
  • स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने
    की मांग तेज कर दी है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक ठंड का प्रकोप बना रहेगा। हालांकि 11 जनवरी के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है। प्रशासन के लिए यह समय तत्काल राहत कार्य तेज करने का है ताकि ठंड से प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

मैक्लुस्कीगंज में पड़ी रिकॉर्ड ठंड ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाला है। शीतलहर के इस दौर में प्रशासनिक तैयारियों और त्वरित राहत कार्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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