Ranchi | झारखण्ड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JTMACCE-2025) में शामिल हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 2800 से अधिक उम्मीदवारों के प्रश्न पत्र-II की परीक्षा को रद्द कर दिया है। आयोग के इस अचानक लिए गए फैसले ने न केवल उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, बल्कि सिस्टम की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों रद्द हुई परीक्षा? ‘Suspicious Activity’ ने उड़ाए होश
JSSC द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जब अभ्यर्थी अपना उत्तर-पत्रक (Response Sheet) और औपबंधिक उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) देखने के लिए पोर्टल पर लॉगिन कर रहे थे, तो उनके डैशबोर्ड पर “Suspicious Activity/Unauthorized Access” का गंभीर संदेश प्रदर्शित हो रहा था।
शुरुआत में इसे अभ्यर्थी एक सामान्य ‘टेक्निकल एरर’ मान रहे थे, लेकिन आयोग ने गहराई से विचार करने के बाद माना कि यह मामला सुरक्षा और निष्पक्षता से जुड़ा है। इसी के चलते अब उन सभी चिन्हित अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

पुनर्परीक्षा की तारीख और केंद्र: नोट कर लें ये डिटेल
अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, तो आपके लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि:
- पुनर्परीक्षा की तिथि: 08 मई 2026 (08.05.2026) को आयोजित की जाएगी।
- परीक्षा केंद्र: यह परीक्षा केवल राँची में स्थित विभिन्न केंद्रों पर होगी।
- एडमिट कार्ड: पुनर्परीक्षा के लिए नए प्रवेश पत्र (Admit Card) अलग से जारी किए जाएंगे।
- किस पेपर की परीक्षा: केवल प्रश्न पत्र-II (Paper-II) की पुनर्परीक्षा ली जाएगी।
2819 अभ्यर्थियों की किस्मत फिर दांव पर
आयोग ने उन सभी 2819 अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक कर दी है जिनकी परीक्षा रद्द की गई है। यह संख्या इतनी बड़ी है कि इसने पूरी चयन प्रक्रिया की टाइमलाइन को प्रभावित कर दिया है। अभ्यर्थियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर नजर बनाए रखें ताकि एडमिट कार्ड और परीक्षा संबंधी किसी भी ताजा अपडेट से वंचित न रहें।
क्या है अगला कदम?
इस फैसले के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता 08 मई को होने वाली परीक्षा को बिना किसी ‘टेक्निकल एरर’ या ‘अनधिकृत पहुंच’ के संपन्न कराने की है। क्या आयोग इस बार अपनी तकनीक को इतना पुख्ता कर पाएगा कि दोबारा ऐसी नौबत न आए? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए बेहद कम समय बचा है।











