Ranchi: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार और सीआईडी पर JSSC CGL Paper Leak मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार इस प्रकरण के असली दोषियों को बचाने में लगी है, जबकि सच उजागर करने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
मरांडी ने रविवार को कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सचिवालय सेवा के प्रशाखा पदाधिकारी संतोष कुमार मस्ताना, जिन्होंने सबसे पहले पेपर लीक का खुलासा किया था और पुख्ता सबूत दिए थे, उन्हें सीआईडी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है।
“भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बना रही सरकार”
मरांडी ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर और अदालतों में लड़ाई लड़ रहे कई शिक्षकों को भी बार-बार सीआईडी से नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे साफ है कि सरकार भ्रष्टाचार के विरोधियों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीआईडी इस मामले के सभी तथ्यों और सबूतों को मिटाने में लगी हुई है और गवाहों को डरा-धमकाकर उनके बयान बदलवाए जा रहे हैं।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या है, जिससे सीआईडी इस मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास सच्चाई है, तो वह तथ्यों को छिपाने और निर्दोषों को फंसाने की कोशिश क्यों कर रही है?
“सीआईडी सरकार के इशारे पर कर रही है कार्रवाई”
मरांडी ने बताया कि इस केस की हाई कोर्ट में सुनवाई कल होनी है और उससे ठीक एक दिन पहले सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में आयोग ने दावा किया था कि सभी सबूतों से छेड़छाड़ की गई है, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि किसी भी मोबाइल में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों ने जांच के दौरान नेपाल कनेक्शन का खुलासा किया था, जिसे बाद में सीआईडी ने भी स्वीकार किया कि 28 लोग नेपाल गए थे, जिनमें से कई उम्मीदवार परीक्षा में पास हुए। बावजूद इसके, जांच एजेंसी अब इसे “गेस क्वेश्चन” बताने में जुटी है।
“किंगपिन को बचाने की साजिश, सच बोलने वालों पर कार्रवाई”
मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार किंगपिन को बचाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वालों को चुप कराने में जुटी है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही सीआईडी का रवैया संदिग्ध रहा है, जो यह दिखाता है कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में हो रही है।
भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।
JSSC CGL Paper Leak मामला झारखंड की सियासत में एक बड़ा विवाद बन गया है। बाबूलाल मरांडी के आरोपों से यह बहस और तेज हो गई है कि क्या सरकार सचमुच दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है या जांच एजेंसी निष्पक्ष रूप से काम कर रही है — इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में अदालत से मिल सकता है।










