रांची में मूसलाधार बारिश से मौसम हुआ सुहाना, डालटनगंज में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी।
झारखंड में मानसून की आहट के बीच मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में जहां मूसलाधार बारिश ने लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत दी है, वहीं कुछ जिलों में अभी भी सूरज की तपिश और लू का सितम जारी है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है।
मौसम केंद्र रांची से मिली लाइव जानकारी के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। रांची के कांके में सबसे ज्यादा 86.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जिससे सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है। वहीं दूसरी ओर, डालटनगंज 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
कांके और नामकुम में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, थमी रफ्तार
अगर ग्राउंड रिपोर्ट की बात करें, तो रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) कांके में 86.4 mm और आईसीएआर (ICAR) नामकुम में 48.4 mm बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अचानक हुई बारिश से रांची में दृश्यता (Visibility) घटकर महज 700 मीटर रह गई, जिससे सुबह के वक्त वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने खराब विजिबिलिटी को देखते हुए हाईवे पर गाड़ी चलाने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डालटनगंज में 40 पार पारा, बोकारो-जमशेदपुर भी तप रहे
एक तरफ जहां रांची के लोग सुहाने मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं, वहीं पलामू प्रमंडल का डालटनगंज जिला भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। डालटनगंज में अधिकतम तापमान 40.4°C दर्ज किया गया है। इसके अलावा बोकारो थर्मल में 38.1°C, चाईबासा में 38.0°C और जमशेदपुर में 37.8°C तापमान रिकॉर्ड किया गया है। इन इलाकों में दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग लू के थपेड़ों से परेशान हैं।
लातेहार में सबसे ठंडी रात, सिमडेगा में भी बरसे बादल
मौसम विभाग के ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन (AWS) के आंकड़ों के अनुसार, लातेहार में न्यूनतम तापमान गिरकर 20.9°C पर पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम है। लातेहार में भी पिछले 24 घंटों में 18.0 mm बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सिमडेगा के बानो में 16.0 mm और चाईबासा में 5.4 mm बारिश हुई है। ग्रामीण इलाकों से आ रही ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं और वे खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियों में जुट गए हैं।
रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हुआ है। आने वाले 48 घंटों में राज्य के पूर्वी और मध्य भागों में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) और बारिश की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सतर्क रहें।











