Ranchi | राजधानी के पॉश और रिहायशी इलाके में संचालित एक होटल के अंदर चल रहे अवैध देह व्यापार नेटवर्क का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP कोतवाली) के नेतृत्व में बनी स्पेशल टीम ने अहीर टोली स्थित ‘होटल सनराज रेसिडेंसी’ में अचानक दबिश दी।
पुलिस टीम जब कमरों का ताला खुलवाते हुए आगे बढ़ी, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके से होटल मैनेजर, ग्राहकों और कई युवतियों सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
रिहायशी इलाके में चल रहा था रैकेट, पड़ोसियों की शिकायत पर एक्शन
अहीर टोली स्थित सनराज रेसिडेंसी होटल के आसपास घनी आबादी है। स्थानीय लोगों को लंबे समय से होटल में संदिग्ध लोगों की आवाजाही को लेकर शक था, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा था।
गुप्त सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने बिना कोई मौका दिए पूरे होटल की घेराबंदी कर दी। रिसेप्शन पर मौजूद मैनेजर उज्जवल मंडल को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू हुई, तो उसने पूरे खेल की परतें खोल दीं।
5 कमरों में आपत्तिजनक हालत में मिले लोग, रजिस्टर में फर्जी एंट्री
जांच के दौरान सामने आया कि होटल के कमरा नंबर 202, 203, 204, 205 और 206 का इस्तेमाल इस अवैध धंधे के लिए किया जा रहा था।
- कमरा नंबर 203: अमित कुमार एक युवती के साथ पकड़ा गया।
- कमरा नंबर 204: सुनील कुमार नायक और एक युवती मिले।
- कमरा नंबर 206: शुभम मंडल को एक युवती के साथ पकड़ा गया।
- अन्य कमरों से भी युवतियां और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।
हैरानी की बात यह रही कि रिसेप्शन पर रखे गेस्ट रजिस्टर में कमरा नंबर 103, 102, 201 और 301 में दर्ज नाम और वास्तव में कमरों में ठहरे लोगों के नामों में भारी अंतर मिला। पुलिस जांच और चेकिंग से बचने के लिए होटल संचालक और मैनेजर मिलकर रजिस्टर में फर्जी नाम-पते दर्ज करते थे।
5000 रुपये में डील, WhatsApp चैट और बंगाल कनेक्शन का खुलासा
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की, जिसमें कई चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं।
- दलाल ‘राजन’ का नेटवर्क: पूछताछ में सामने आया कि ‘राजन’ नामक एक दलाल के जरिए ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें और रेट भेजे जाते थे।
- डिलीट की गई चैट: आरोपी शुभम मंडल के फोन से व्हाट्सएप चैट रिकवर हुई, जिसमें एक रात के लिए 5000 रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई।
- बंगाल से बुलाई गई थीं युवतियां: शुरुआती पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि नेटवर्क में शामिल कुछ युवतियों को पश्चिम बंगाल से विशेष रूप से रांची बुलाया गया था।
होटल मैनेजर ने खुलासा किया कि मुख्य संचालक अभय कुमार सिंह सीधे दलाल के संपर्क में था और उसी के इशारे पर कमरों का आवंटन होता था।
अब पुलिस की रडार पर होटल मालिक और दलाल
छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल का एंट्री रजिस्टर, कई मोबाइल फोन और नकदी जब्त कर ली है। इस मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद कार्रवाई की जा रही है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, फरार होटल संचालक अभय कुमार सिंह और मुख्य दलाल राजन की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जब्त किए गए मोबाइल फोनों के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और डिलीटेड व्हाट्सएप चैट्स को फॉरेंसिकली खंगाला जा रहा है, ताकि शहर में फैले इस गिरोह के बाकी सिंडिकेट का भी खात्मा किया जा सके।











