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झारखंड में कुदरत का यू-टर्न: चिलचिलाती गर्मी के बीच अचानक क्यों लुढ़का पारा, भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता या दी राहत?

Ranchi | झारखंड के मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि यह मई का महीना है या सावन की शुरुआत। राजधानी रांची समेत जमशेदपुर, बोकारो और चाईबासा में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन पर बड़ा असर पड़ा है।

भीषण गर्मी के बीच ‘मानसून’ जैसा एहसास: आंकड़े दे रहे गवाही

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची के ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। मई की शुरुआत में जहां पारा 40-42 डिग्री के पार होना चाहिए था, वहीं रांची में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.0 डिग्री नीचे गिरकर 30.7°C पर आ गया है। सबसे ज्यादा असर चाईबासा और जमशेदपुर में देखा गया, जहां भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

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चाईबासा और दरिसाई में ‘बादल फटा’ या चक्रवात?

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, चाईबासा (PTO) में 34.1 mm और दरिसाई में 44.5 mm बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा मई के महीने के लिहाज से काफी ज्यादा है। बोकारो थर्मल में जहां तापमान 36.1°C रहा, वहीं जमशेदपुर में विजिबिलिटी गिरकर महज 1500 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्या है इस बेमौसम बदलाव की असली वजह?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र और नमी वाली हवाओं के टकराव के कारण झारखंड के आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला है। लोहरदगा, गुमला, और लातेहार जैसे जिलों में भी तापमान में 5 से 8 डिग्री तक की कमी देखी गई है। लातेहार (AWS) में न्यूनतम तापमान 17.2°C तक गिर गया है, जो रात के समय हल्की ठंड का अहसास करा रहा है।

आम आदमी और किसानों पर क्या होगा असर?

  1. राहत: तपती लू (Heatwave) से जूझ रहे झारखंड वासियों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। कूलर और एसी की जरूरत फिलहाल खत्म हो गई है।
  2. चिंता: अचानक तापमान गिरने से वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
  3. खेती: यह बारिश उन किसानों के लिए चिंता का विषय है जिनकी फसलें खलिहान में थीं, हालांकि सब्जियों की खेती करने वालों के लिए यह नमी फायदेमंद साबित हो सकती है।

प्रशासन का अलर्ट और आगे की राह

रांची मौसम केंद्र ने अगले कुछ घंटों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विशेष रूप से वज्रपात (Thunderstorm) को लेकर चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।

क्या यह जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का बड़ा संकेत है? मई की शुरुआत में इस तरह का ‘शीत-लहर’ जैसा अहसास पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है। फिलहाल, झारखंड के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन यह राहत कितने दिन टिकेगी, यह आने वाले अपडेट्स पर निर्भर करेगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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