Ranchi | झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आई है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने आज (19 जून 2026) सुबह-सुबह राज्य के 13 से अधिक जिलों के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी (Nowcast) जारी की है। मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात (आकाशीय बिजली) के साथ तेज बारिश की आशंका जताई है।
इस चेतावनी के बाद से ही राज्य के कई हिस्सों में घने बादल छाने लगे हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने राजधानी रांची और लोहरदगा जैसे संवेदनशील इलाकों के लिए विशेष तौर पर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां हवा की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
प्रशासन ने इस बदलते मौसम को देखते हुए आम जनता और खास तौर पर किसानों के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

कहाँ ऑरेंज और कहाँ येलो अलर्ट? समझें पूरा गणित
मौसम केंद्र रांची की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य को दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर चेतावनी दी गई है:
इन 5 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, 50KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
विभाग ने रांची, लोहरदगा, दुमका, जामतारा और पाकुड़ जिलों के कुछ भागों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहाँ अगले एक से तीन घंटे में मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
खूंटी और देवघर समेत 8 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
वहीं, खूंटी, देवघर, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा और वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: रांची में मुसलाधार बारिश, कई जगह छाया अंधेरा
रांची के रातू रोड और कांके इलाके में सुबह 6 बजे के आसपास ही आसमान में काले बादल बासने लगे। कई जिलों के ग्रामीण इलाकों से आ रही खबरों के मुताबिक, जो किसान सुबह-सुबह धान की नर्सरी और खेतों की तैयारी के लिए निकले थे, वे मौसम के तेवर देखकर घरों की तरफ लौटने लगे हैं।
खूंटी के एक स्थानीय किसान सोमरा मुंडा ने बताया, “सुबह आसमान साफ लग रहा था, लेकिन अचानक ठंडी हवा चलने लगी और बादल गरजने लगे। मौसम विभाग की चेतावनी मोबाइल पर मिल गई थी, इसलिए हम लोग खेत से वापस आ गए हैं। बिजली चमकने के समय खेत में रहना जान जोखिम में डालना है।”
मौसम विभाग के सख्त निर्देश: भूलकर भी न करें ये गलतियां
आईएमडी रांची ने लोगों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं:
- पेड़ों के नीचे न लें शरण: वज्रपात के समय पेड़ों के नीचे छिपना सबसे खतरनाक साबित हो सकता है।
- बिजली के खंभों से दूरी: तेज हवा और आकाशीय बिजली के दौरान बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें।
- किसानों के लिए सलाह: किसान खेतों में न जाएं और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।
झारखंड में मानसून की इस प्री-गतिविधि या स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने से तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलना तय है। हालांकि, वज्रपात झारखंड के लिए हमेशा से एक बड़ा खतरा रहा है, इसलिए अगले 3 घंटे बेहद सतर्क रहने के हैं। प्रशासन ने सभी जिला मुख्यालयों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।











