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झारखंड मानसून अपडेट: इन जिलों में भारी आंधी-तूफान का अलर्ट, क्या मानसून ने दी दस्तक?

Jharkhand Weather Update | झारखंड में मानसून के इंतजार के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अगले 4 से 5 दिनों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के राज्य में सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। हालांकि, मानसून से पहले राज्य के कई जिलों में आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, राज्य में अभी भी गर्मी का असर बरकरार है, लेकिन आने वाले कुछ घंटों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। कुछ जिलों में मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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यदि आप झारखंड के निवासी हैं, तो आपको अगले 24 से 48 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरतनी होगी। IMD की ताजा सैटेलाइट और रडार रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग चेतावनी जारी की गई है।

राज्य में कहाँ और कैसा रहेगा मौसम? (ground analysis)

राज्य में कहाँ और कैसा रहेगा मौसम? (Ground Analysis)

IMD रांची के द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य का मौसम दो हिस्सों में बंटा हुआ है। जहां उत्तर-पश्चिमी जिलों में पारा अभी भी 40 डिग्री के पार है, वहीं दक्षिणी और मध्य झारखंड में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश देखी जा रही है।

  • भारी अलर्ट: राज्य के गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में अगले 1 से 3 घंटे के भीतर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है।
  • तापमान का ग्राफ: डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान अभी भी 42.4°C दर्ज किया गया है, जो हीटवेव जैसे हालात की ओर इशारा करता है। वहीं रांची में अधिकतम तापमान 35.4°C के आसपास है।

बारिश के आंकड़ों में भारी विसंगति: कहीं सूखा, तो कहीं ‘अतिवृष्टि’

आंकड़ों की गहराई में जाएं, तो राज्य की स्थिति चौंकाने वाली है। 1 जून से 17 जून 2026 तक की स्थिति को देखें, तो कई जिले सूखे की मार झेल रहे हैं।

चतरा (-100%) और पलामू (-96%) जैसे जिलों में बारिश न के बराबर है। इसके उलट, राजधानी रांची में सामान्य से 25% अधिक बारिश दर्ज की गई है। यह स्पष्ट संकेत है कि मानसून की प्रगति अभी भी असमान है।

बारिश के आंकड़ों में भारी विसंगति: कहीं सूखा, तो कहीं 'अतिवृष्टि'

आम जनता और किसानों के लिए दिशा-निर्देश (What Next?)

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता, किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए।

  1. वज्रपात से बचाव: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  2. खेती-बारी: जिन जिलों में बारिश की कमी (-80% से नीचे) है, वहां किसान अभी भी मानसून की प्रतीक्षा करें और मिट्टी की नमी का आकलन करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।
  3. प्रशासन की तैयारी: जिला प्रशासन को आंधी-तूफान के मद्देनजर बिजली आपूर्ति और आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट मोड पर रखने की आवश्यकता है।
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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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