Ranchi | झारखंड में सूरज की तपिश ने अब आम जनजीवन को झुलसाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पलामू प्रमंडल का डालटनगंज 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बन गया है, जबकि राजधानी रांची में भी पारा सामान्य से ऊपर बना हुआ है। अब सवाल यह है कि क्या अप्रैल के बचे हुए दिनों में झारखंड ‘हीटवेव’ (लू) की चपेट में पूरी तरह समा जाएगा?
आसमान से बरस रही आग: डालटनगंज और चाईबासा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची केंद्र द्वारा 17 अप्रैल 2026 को जारी ‘रियलाइज्ड वेदर रिपोर्ट’ के अनुसार, राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। डालटनगंज जहां 41.8°C पर उबल रहा है, वहीं चाईबासा में भी पारा 40.4°C दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह महज शुरुआत है; आने वाले 48 घंटों में तापमान में और भी उछाल आने की संभावना है।
रांची में उमस और गर्मी का डबल अटैक
राजधानी रांची के लोगों के लिए राहत की खबर कम ही है। रांची मुख्य स्टेशन पर अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री ज्यादा है। रात का तापमान भी 23.7 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। विजिबिलिटी की बात करें तो सुबह के वक्त रांची में केवल 100 मीटर की दृश्यता दर्ज की गई, जो धूल भरी आंधियों या स्थानीय वायुमंडलीय कारकों का संकेत हो सकती है।
कहां कितनी गर्मी? देखें जिलों का हाल (Table Update)
| स्टेशन | अधिकतम तापमान (°C) | सामान्य से विचलन |
| डालटनगंज | 41.8°C | +1.9 |
| चाईबासा | 40.4°C | +1.7 |
| रांची | 37.7°C | +1.8 |
| जमशेदपुर | 37.1°C | -2.9 |
| सराइकेला | 39.2°C | -1.7 |
सरायकेला में ‘सरप्राइज’ बारिश, लेकिन राहत नहीं
हैरानी की बात यह है कि जहां पूरा राज्य गर्मी से तप रहा है, वहीं सराइकेला AWS में पिछले 24 घंटों में 6.5 mm बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, यह बारिश जमीन की तपन को शांत करने के बजाय उमस (Humidity) बढ़ाने का काम कर रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक प्री-मानसून की सक्रियता पूरे राज्य में एक साथ नहीं होती, तब तक ऐसी छिटपुट बारिश से राहत मिलने के बजाय बेचैनी और बढ़ेगी।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
- स्वास्थ्य पर खतरा: अचानक बढ़ते तापमान से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकावट के मामले बढ़ सकते हैं। विशेषकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है।
- खेती-किसानी: चिलचिलाती धूप से सब्जी की फसलों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
- बिजली की मांग: जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है, जिससे लोड शेडिंग का खतरा मंडरा रहा है।
क्या आगे मिलेगी राहत? प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने फिलहाल किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के संकेत नहीं दिए हैं। प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव पर विचार करना शुरू कर दिया है ताकि बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘हीट एक्शन प्लान’ को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राउंड रिपोर्टर की सलाह: अगर आप झारखंड के इन गर्म इलाकों में रह रहे हैं, तो खूब पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और घर से बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें। यह गर्मी केवल एक मौसम नहीं, बल्कि सेहत के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।











