अलर्ट: झारखंड के पेंशनधारियों के लिए ’31 मई’ है ‘क़यामत की रात’, चूक गए तो अस्पताल का बिल उड़ा देगा नींद!

अलर्ट: झारखंड के पेंशनधारियों के लिए '31 मई' है 'क़यामत की रात', चूक गए तो अस्पताल का बिल उड़ा देगा नींद!

रांची। अगर आप झारखंड सरकार के पेंशनर हैं या किसी बोर्ड-निगम में काम करते हैं, तो अपनी याददाश्त पर थोड़ा ज़ोर डालिए! क्या आपने स्वास्थ्य बीमा का फॉर्म भरा? अगर नहीं, तो संभल जाइए। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कह दिया है—“भइया, 31 मई के बाद पोर्टल का ताला लग जाएगा!”

यानी अगर आप 31 मई की डेडलाइन चूके, तो अगले एक साल तक अस्पताल के भारी-भरकम बिल से आपको कोई नहीं बचा पाएगा। सरकार ने मई 2026 से अप्रैल 2027 तक के लिए रजिस्ट्रेशन की खिड़की खोल दी है, लेकिन समय बहुत कम है।

क्या है पूरा माजरा? (समझिए आसान भाषा में)

झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी (JSAS) ने उन सभी पेंशनरों, बोर्ड-निगम और यूनिवर्सिटी कर्मियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया है, जिन्हें अक्सर इलाज के खर्च की चिंता सताती है। सरकार ने इसके लिए टाटा एआईजी (Tata AIG) से हाथ मिलाया है।

कौन-कौन है इस ‘VIP लिस्ट’ में?

  • राज्य सरकार के सभी रिटायर्ड शेर (पेंशनभोगी)।
  • बोर्ड, निगम और यूनिवर्सिटी के कर्मचारी।
  • वो परिवार जो पारिवारिक पेंशन पर आश्रित हैं।

सिर्फ ₹6000 में ‘राजा’ जैसा इलाज!

अब आप सोचेंगे कि इसमें मेरा क्या फायदा? तो जनाब, फायदा ही फायदा है:

  1. जेब खाली, फिर भी इलाज जारी: यह कैशलेस योजना है। अस्पताल जाइए, कार्ड दिखाइए और इलाज कराइए। पैसे की चिंता टाटा एआईजी और सरकार करेगी।
  2. उम्र का कोई बंधन नहीं: प्राइवेट कंपनियां बूढ़ा देख प्रीमियम बढ़ा देती हैं, लेकिन यहाँ सबके लिए एक ही रेट है।
  3. बड़ी बीमारियों की छुट्टी: हार्ट, किडनी या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी इस कवर में शामिल है।
  4. किफायती प्रीमियम: बाजार में जो बीमा 40 हज़ार में मिलता है, सरकार उसे सिर्फ ₹6000 में दे रही है।

सावधान! ये 3 स्टेप्स फॉलो नहीं किए तो पछताएंगे

रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस फिल्म की कहानी जैसी है, एक भी सीन मिस हुआ तो मजा बिगड़ जाएगा:

  • सीन 1 (रजिस्ट्रेशन): पोर्टल पर जाकर अपनी डिटेल्स भरें।
  • सीन 2 (सत्यापन): आपका विभाग (DDO) चेक करेगा कि आप असली हकदार हैं या नहीं।
  • सीन 3 (पेमेंट): जैसे ही विभाग हरी झंडी देगा, ऑनलाइन ₹6000 जमा करें और अपनी रसीद डाउनलोड कर लें।

प्रो टिप: अगर आप पुराने खिलाड़ी हैं (पिछले साल भी बीमा था), तब भी ‘रिन्यूअल’ कराना जरूरी है। पुराना कार्ड अब सिर्फ एक प्लास्टिक का टुकड़ा है जब तक कि आप नया प्रीमियम न भरें।

कहीं फंस गए तो किसे फोन घुमाएं?

अगर पोर्टल न चले या कोई बाबू परेशान करे, तो सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1800-3455-027 जारी किया है। फोन उठाइए और अपनी समस्या का हल पाइए।

कल करे सो आज कर…

याद रखिए, अस्पताल कभी पूछकर नहीं आते। 31 मई की तारीख पास है। ₹6000 की ये ‘इन्वेस्टमेंट’ आपके बुढ़ापे का सबसे मजबूत सहारा बन सकती है। तो बस, देर किस बात की? आज ही अपना और अपने जीवनसाथी का रजिस्ट्रेशन पक्का करें!

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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